भारत के इस हुनरबाज़ ने अपनी कला का प्रदर्शन कर “इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड” में दर्ज कराया अपना नाम

aadi priya
भारत का इस हुनरबाज़ ने अपनी कला के प्रदर्शन कर "इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड" में कराया अपना नाम दर्ज

नई दिल्ली। आर्ट एक ऐसा हुनर है जो लोगों को सीखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता बल्कि ये हुनर उनकी रगों में दौड़ता हुआ दिखाई देता है। इस आर्ट को अक्सर लोग “गॉड गिफ्टेड” भी कहते हैं। एक ऐसा गिफ्ट जो कुदरती है ना की किसी से प्राप्त किया गया हो। इस आर्ट को अपनी ज़िंदगी में बेहतर बनाने के लिए लोग ट्रेनिंग और प्रशिक्षण भी लेते रहते हैं। आज हम आपको एक ऐसी कुदरती आर्ट से रूबरू कराने जा रहें जो इस वक़्त “यंगेस्ट नाइव आर्टिस्ट” का ख़िताब जीत चुका हैं।

This Talented Indian Artist Demonstrated His Art And Entered His Name In India Book Of Records :

14 साल की उम्र से देशभर में अपना नाम कमा रहें आदि प्रिय ने 2019 में प्रकाशित “इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड” में अपना नाम दर्ज कराया है। आदि हरियाणा के फरीदाबाद में पले-बढ़े हैं। आदि के पिता प्रीतम हरियाणा पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर फरीदाबाद में तैनात है। बता दें कि “यंगेस्ट नाइव आर्टिस्ट” खिताब जीतने वाले आदि को ये खिताब इसलिए मिला क्योंकि उन्होंने चित्रकारी सीखने के लिए कोई ट्रेनिंग नहीं ली बल्कि उनका ये हुनर कुदरती हैं। उनके इस हुनर की लोग जितनी तारीफ करें उतनी कम है।

आदि के पिता का कहना है कि ‘6 जनवरी 2018 को बेटे ने एक बार स्कूल की छुट्टी पर कागज पर होम वर्क के दौरान एक पेंटिंग बनाई थी। जब मैंने उसके इस रुझान को देखा तो उसे पेंटिंग बनाने के लिए और शीट लेकर दी। शीट मिलने के बाद उसने अपने हुनर से जौहर दिखाने शुरू कर दिए।’

उनके पिता ने आगे कहा कि ‘पेंटिंग की तरफ उसके रुझान को देखते हुए मैंने उसे आगे बढ़ाने के लिए सोच लिया। आदि ने महज डेढ़ साल में ये सब सीखा है और सीखने के लिए उसने किसी इंस्टीट्यूट से ट्रेनिंग नहीं ली बल्कि यूट्यूब के सहारे अपनी छोटी सी उम्र में ही कैनवस पेंटिंग्स, ऑइल पेंटिंग्स, चारकोल पेंटिंग्स, हाइपर रियलिस्टिक पेंटिंग्स और पोर्ट्रेट आदि जैसी कई पेंटिंग के जरिये कई प्रदर्शनियां कर अपनी एक अलग पहचान बनाई और अपने मां -बाप का नाम रौशन किया।

आदि ने दुबई में 3 अप्रैल 2019 से 6 अप्रैल 2019 में आयोजित “वर्ल्ड आर्ट फेयर” में “सोलो शो” यानी अकेले ही अपनी प्रदर्शनी को आयोजित किया। इससे पहले आदि ने 10 दिसंबर से 14 दिसंबर 2018 में भी आदि ने प्रतिष्ठित ‘इंडियन कौंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन्स’ की आर्ट गैलरी में सोलो शो किया था।

नई दिल्ली। आर्ट एक ऐसा हुनर है जो लोगों को सीखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता बल्कि ये हुनर उनकी रगों में दौड़ता हुआ दिखाई देता है। इस आर्ट को अक्सर लोग "गॉड गिफ्टेड" भी कहते हैं। एक ऐसा गिफ्ट जो कुदरती है ना की किसी से प्राप्त किया गया हो। इस आर्ट को अपनी ज़िंदगी में बेहतर बनाने के लिए लोग ट्रेनिंग और प्रशिक्षण भी लेते रहते हैं। आज हम आपको एक ऐसी कुदरती आर्ट से रूबरू कराने जा रहें जो इस वक़्त "यंगेस्ट नाइव आर्टिस्ट" का ख़िताब जीत चुका हैं। 14 साल की उम्र से देशभर में अपना नाम कमा रहें आदि प्रिय ने 2019 में प्रकाशित "इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड" में अपना नाम दर्ज कराया है। आदि हरियाणा के फरीदाबाद में पले-बढ़े हैं। आदि के पिता प्रीतम हरियाणा पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर फरीदाबाद में तैनात है। बता दें कि "यंगेस्ट नाइव आर्टिस्ट" खिताब जीतने वाले आदि को ये खिताब इसलिए मिला क्योंकि उन्होंने चित्रकारी सीखने के लिए कोई ट्रेनिंग नहीं ली बल्कि उनका ये हुनर कुदरती हैं। उनके इस हुनर की लोग जितनी तारीफ करें उतनी कम है। आदि के पिता का कहना है कि '6 जनवरी 2018 को बेटे ने एक बार स्कूल की छुट्टी पर कागज पर होम वर्क के दौरान एक पेंटिंग बनाई थी। जब मैंने उसके इस रुझान को देखा तो उसे पेंटिंग बनाने के लिए और शीट लेकर दी। शीट मिलने के बाद उसने अपने हुनर से जौहर दिखाने शुरू कर दिए।' उनके पिता ने आगे कहा कि 'पेंटिंग की तरफ उसके रुझान को देखते हुए मैंने उसे आगे बढ़ाने के लिए सोच लिया। आदि ने महज डेढ़ साल में ये सब सीखा है और सीखने के लिए उसने किसी इंस्टीट्यूट से ट्रेनिंग नहीं ली बल्कि यूट्यूब के सहारे अपनी छोटी सी उम्र में ही कैनवस पेंटिंग्स, ऑइल पेंटिंग्स, चारकोल पेंटिंग्स, हाइपर रियलिस्टिक पेंटिंग्स और पोर्ट्रेट आदि जैसी कई पेंटिंग के जरिये कई प्रदर्शनियां कर अपनी एक अलग पहचान बनाई और अपने मां -बाप का नाम रौशन किया। आदि ने दुबई में 3 अप्रैल 2019 से 6 अप्रैल 2019 में आयोजित "वर्ल्ड आर्ट फेयर" में "सोलो शो" यानी अकेले ही अपनी प्रदर्शनी को आयोजित किया। इससे पहले आदि ने 10 दिसंबर से 14 दिसंबर 2018 में भी आदि ने प्रतिष्ठित 'इंडियन कौंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन्स' की आर्ट गैलरी में सोलो शो किया था।