इस मंदिर के बारे में सुनकर रह जायेंगे हैरान

नई दिल्ली: भगवान शिव को सभी विद्याओं के ज्ञाता होने के कारण जगत गुरु भी कहा गया है। भोले शंकर की आराधना से सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं। शिव की आराधना किसी भी रूप में की जा सकती है। आज आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे भूत ने एक ही रात में बना दिया था। यह सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग रहा होगा लेकिन यह सच है। यह मंदिर है काठियावाड़, गुजरात का नवलखा मंदिर। जहाँ की सुन्दरता को देखकर आपका भी मन मोहित हो जाएगा।



This Temple Was Built By Ghost :

बताया जाता है कि यह मंदिर करीब ढाई सौ साल पहले बाबरा नाम के एक भूत ने किया था, जिसे उसने मात्र एक रात में बनाकर खड़ा किया था। यह नवलखा मंदिर सोमनाथ के ज्योतिलिंग के समान ही बहुत ऊंचा है, जिसे जीर्णोद्धार करके ठीक किया गया है। यह मंदिर एक भूत द्वारा भले ही बनाया गया है, पर इसकी सुन्दरता देखते ही बनती है। इस मंदिर के चारों ओर नग्न-अद्र्धनग्न नवलाख मूर्तियों के शिल्प हैं, जिसे 16 कोने वाली नींव के आधार पर निर्मित किया गया है।




इस मंदिर के अन्दर सभा-मंडप, गर्भगृह और प्रदक्षिणा पथ जैसी जगहें बनाई गई है। जिसकी छत अश्त्कोनी और गुम्बज विशाल है। इस मंदिर के बारे में प्रचलित कहानी की वजह से यहाँ पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है।

नई दिल्ली: भगवान शिव को सभी विद्याओं के ज्ञाता होने के कारण जगत गुरु भी कहा गया है। भोले शंकर की आराधना से सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं। शिव की आराधना किसी भी रूप में की जा सकती है। आज आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे भूत ने एक ही रात में बना दिया था। यह सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग रहा होगा लेकिन यह सच है। यह मंदिर है काठियावाड़, गुजरात का नवलखा मंदिर। जहाँ की सुन्दरता को देखकर आपका भी मन मोहित हो जाएगा। बताया जाता है कि यह मंदिर करीब ढाई सौ साल पहले बाबरा नाम के एक भूत ने किया था, जिसे उसने मात्र एक रात में बनाकर खड़ा किया था। यह नवलखा मंदिर सोमनाथ के ज्योतिलिंग के समान ही बहुत ऊंचा है, जिसे जीर्णोद्धार करके ठीक किया गया है। यह मंदिर एक भूत द्वारा भले ही बनाया गया है, पर इसकी सुन्दरता देखते ही बनती है। इस मंदिर के चारों ओर नग्न-अद्र्धनग्न नवलाख मूर्तियों के शिल्प हैं, जिसे 16 कोने वाली नींव के आधार पर निर्मित किया गया है। इस मंदिर के अन्दर सभा-मंडप, गर्भगृह और प्रदक्षिणा पथ जैसी जगहें बनाई गई है। जिसकी छत अश्त्कोनी और गुम्बज विशाल है। इस मंदिर के बारे में प्रचलित कहानी की वजह से यहाँ पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है।