अमेरिकी दबाव का नतीजा: अातंकी हाफिज सईद के संगठन को मदद करने वाले जाएंगे जेल

नई दिल्ली। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की सख्ती का असर अब दिखना शुरू हो गया है। पाकिस्तान ने देश के सभी प्रमुख अखबारों में विज्ञापन जारी करते हुए कहा है कि आतंकी हाफ़िज़ सईद से संबन्धित किसी भी संगठन की आर्थिक मदद करने वालों को भारी जुर्माना और दस साल की सजा भुगतानी पड़ सकती है। अखबारों में छपे विज्ञापन के मुताबिक, प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों को किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद पहुंचाना आतंकरोधी एक्ट 1997 और यूएन एक्ट 1948 के तहत अपराध माना जाएगा।

अखबारों में जारी किए गए विज्ञापन में हाफ़िज़ सईद के जमात उद दावा, फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन और मसूद अजहर के जैश ए मोहम्मद सहित 72 संगठनों के नाम बताए गए हैं। पाकिस्तान के सभी प्रमुख स्थानीय समाचार पत्रों में शनिवार को उर्दू में यह चेतावनी प्रकाशित की गई। इसमें सभी संगठनों के नाम भी दिए गए हैं।

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बताते चलें कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान ने अमेरिका को झूठ और धोखे के सिवाय कुछ नहीं दिया और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह उपलब्ध कराता रहा। इसके बाद पाकिस्तान ने सोमवार को कई संगठनों के चंदा एकत्रित करने पर प्रतिबंध लगा दिया था। पाकिस्तान के इस कदम को अमेरिकी दबाव का ही नतीजा माना जा रहा है।

पाकिस्तान सरकार द्वारा पिछले साल जनवरी में हाफिज सईद को नजरबंद भी किया गया था, लेकिन बाद में अदालत के निर्देश पर उसे छोड़ दिया गया था। वहीं हाफिज सईद ने लाहौर में एक वीडियो मैसेज के जरिए कहा कि पाकिस्तान ने यह कदम अंतराष्ट्रीय दवाब में आकर लिया है। वो कोर्ट में इसे चुनौती देगा।

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