2000 के करेंसी नोट छापते तीन गिरफ्तार

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2000 के करेंसी नोट छापते तीन गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद पुलिस की क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग ने शनिवार को 1 लाख 36 हजार ​कीमत के नकली करेंसी नोटों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से प्रिंटर, कम्प्यूटर और पेपर समेंत कई उपकरण बरामद हुए हैं जिनकी मदद से यह गिरोह नकली करेंसी की छपाई करता था। अभियुक्तों के पास से केवल 2000 रुपए के नकली नोट बरामद हुए हैं।

Three Arrest For Printing Fake Note Currency In Uttar Pradesh :

फिरोजाबाद एसएसपी ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस गिरोह का सरगना तिजेन्द्र है, जिसे 2007 में नकली नोटों के साथ दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि शेष दो अभियुक्त फिरोजाबाद और मैनपुरी के रहने वाले हैं। पुलिस जानकारी करने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह गिरोह कब से ​इस काम में लिप्त था और यह नकली नोटों को कहां खपाता था।

सूत्रों की माने तो पुलिस को अंदेशा है कि दिल्ली के मोतीनगर पश्चिम थाने का निवासी तिजेन्द्र ही इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है। जिसका नेटवर्क दिल्ली और यूपी के अलावा हरियाणा तक फैला हो सकता है।

8 नवंबर 2016 को लागू हुई नोटबंदी की बहुत बड़ी वजह रही नकली करेंसी एकबार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज करवाती नजर आ रही है। इसका सीधा सा इशारा इस तरफ है कि अगर आप 2000 या 500 की नई करेंसी को बिना जांचे स्वीकार कर रहे हैं तो सतर्क हो जाइए क्योंकि हो सकता है कि आप भी ऐसे अपराधियों का शिकार बन जाएं जो नकली करेंसी का कारोबार करते हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद पुलिस की क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग ने शनिवार को 1 लाख 36 हजार ​कीमत के नकली करेंसी नोटों के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से प्रिंटर, कम्प्यूटर और पेपर समेंत कई उपकरण बरामद हुए हैं जिनकी मदद से यह गिरोह नकली करेंसी की छपाई करता था। अभियुक्तों के पास से केवल 2000 रुपए के नकली नोट बरामद हुए हैं।फिरोजाबाद एसएसपी ने जानकारी देते हुए बताया है कि इस गिरोह का सरगना तिजेन्द्र है, जिसे 2007 में नकली नोटों के साथ दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि शेष दो अभियुक्त फिरोजाबाद और मैनपुरी के रहने वाले हैं। पुलिस जानकारी करने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह गिरोह कब से ​इस काम में लिप्त था और यह नकली नोटों को कहां खपाता था।सूत्रों की माने तो पुलिस को अंदेशा है कि दिल्ली के मोतीनगर पश्चिम थाने का निवासी तिजेन्द्र ही इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है। जिसका नेटवर्क दिल्ली और यूपी के अलावा हरियाणा तक फैला हो सकता है।8 नवंबर 2016 को लागू हुई नोटबंदी की बहुत बड़ी वजह रही नकली करेंसी एकबार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज करवाती नजर आ रही है। इसका सीधा सा इशारा इस तरफ है कि अगर आप 2000 या 500 की नई करेंसी को बिना जांचे स्वीकार कर रहे हैं तो सतर्क हो जाइए क्योंकि हो सकता है कि आप भी ऐसे अपराधियों का शिकार बन जाएं जो नकली करेंसी का कारोबार करते हैं।