बहु ने लगायी आग, एक घर से निकली चार लाशें

पटना। सास-बहू की मामूली बात पर हुए पारिवारिक झगड़े के चलते घर में मातम छा गया। एक दिन में एक ही घर के चार लोगों की मौत हो गयी। घटना फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के भुसौला दानापुर गांव की है जहां सास बहु में हो रहे झगड़े से छुब्द होकर बहु ने खुद पर केरोसिन छिड़क कर जान दे दी और उसको बचाने के लिए उसके तीन बच्चे भी उसी आग में झुलस कर मर गए। घटना के बारे में गाँव वालों को कुछ समझ नहीं आया पहले गाँव वालों को लगा कि सिलेंडर फटा है फिर तहकीकात के बाद पता चला कि यह मामला पारिवारिक विवाद का है। मामले के बारे में एसपी मनु महाजन ने बताया कि मामले की तहकीकात जारी है।




जानकारी के मुताबिक पता चला कि वशिष्ठ चौधरी मगध महिला कॉलेज में चपरासी है। करकट के मकान में एक कमरा है जिसमे पत्नी व बेटा जीतेन्द्र रहता है। जीतेन्द्र की पत्नी मंजू और उसके तीन बच्चे कुमारी 6 साल की, शिवम 4 साल का और गुड़िया तीन साल की रहती है। धर्मेन्द्र हाथ पैर से दिव्यांग है। गांववालों से बात करने के बाद पुलिस को पता चला कि उसकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी संपदर्ष से मर गयी जबकि छोटी बेटी की प्रसव के दौरान ही मौत हो गयी थी। उसकी बेटी और बेटा (नातिन और नाती) उनके ही घर में रहते हैं। यह बात जितेंद्र और उसकी पत्नी मंजू को नागवार गुजरती थी। इसी को लेकर सास-बहू में झगड़ा होता था।




रविवार करीब शाम साढ़े छह बजे घर पर बच्चे और मंजू अकेले थे वहीं धर्मेश फर्श पर पड़ा हुआ था तभी मंजू ने खुद पर केरोसीन छिड़क कर आग लगा ली आस-पास काफी कपडे पड़े होने की वजह से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। मंजू को बचाने की वजह से बच्चे और धर्मेश भी आग में झुलस गए। बाद में कौशल्या और जितेन्द्र जब बाजार से लौटे तो भी आग बुझाने में झुलस गए। पुलिस गांववालों की सहायता से घायलों को एंबुलेंस से पीएमसीएच भेजा गया। अस्पताल पहुंचने से पहले तीनों बच्चों की मौत हो गई, जबकि मंजू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जितेंद्र और धर्मेंद्र भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। कौशल्या खतरे से बाहर है।

हादसे के बाद मंजू की ननद के बच्चे गायब हैं। अंदेशा है कि वह डरकर कहीं छिप गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। ससुर वशिष्ठ चौधरी की कॉलेज में रात्रि ड्यूटी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद वे घर आए।

आस्था सिंह की रिपोर्ट

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