तीन तलाक विधेयक JDU और कांग्रेस को लाएगा साथ, भाजपा से हुआ मतभेद

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तीन तलाक विधेयक JDU और कांग्रेस को लाएगा साथ, भाजपा से हुआ मतभेद

नई दिल्ली। तीन तलाक विधेयक को लेकर विरोध में आई जनता दल (यूनाइटेड) को लेकर कांग्रेस ने कहा, वक्त आ गया है अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से बाहर निकल जाए, नहीं तो बिहार से उसका अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। बता दें कि भाजपा के सहयोगी दल जनता दल ने गुरुवार को पटना में तीन तलाक बिल की आलोचना करते हुए राज्यसभा में उसके खिलाफ मतदान करने का ऐलान किया।

Three Divorce Bill Case :

वहीं भाजपा ने बिहार में उसके सहयोगी दल जदयू के विधेयक पर अलग रुख को कमतर करने का प्रयास किया और कहा कि विकास के मुद्दे पर एनडीए में कोई मतभेद नहीं है। जदयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह का कहना था कि उनकी पार्टी का मानना है कि इस बिल को पारित करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से परामर्श करना चाहिए। यही राय उन्होंने समान नागरिक संहिता के मामले पर लॉ कमीशन को दी थी।

कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि जदयू और भाजपा के बीच अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और तीन तलाक पर प्रतिबंध जैसे अहम मुद्दों पर विचारधारा में गंभीर मतभेद हैं। सिंह ने कहा कि जदयू को ये समझना चाहिए कि अगर वो एनडीए में बनी रहती है तो उसका बिहार में जनता के बीच खड़ा होना मुश्किल हो जाएगा। ऐसा होने पर राज्य से उसका अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।

जदयू के रुख को कमतर करने का प्रयास करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा, सहयोगी दलों की राम मंदिर, अनुच्छेद 370, समान नागरिक संहिता और तीन तलाक पर पहले से ही अलग राय रही है, लेकिन विकास के मुद्दे पर राजग में कोई मतभेद नहीं है।

नई दिल्ली। तीन तलाक विधेयक को लेकर विरोध में आई जनता दल (यूनाइटेड) को लेकर कांग्रेस ने कहा, वक्त आ गया है अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से बाहर निकल जाए, नहीं तो बिहार से उसका अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। बता दें कि भाजपा के सहयोगी दल जनता दल ने गुरुवार को पटना में तीन तलाक बिल की आलोचना करते हुए राज्यसभा में उसके खिलाफ मतदान करने का ऐलान किया। वहीं भाजपा ने बिहार में उसके सहयोगी दल जदयू के विधेयक पर अलग रुख को कमतर करने का प्रयास किया और कहा कि विकास के मुद्दे पर एनडीए में कोई मतभेद नहीं है। जदयू नेता वशिष्ठ नारायण सिंह का कहना था कि उनकी पार्टी का मानना है कि इस बिल को पारित करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से परामर्श करना चाहिए। यही राय उन्होंने समान नागरिक संहिता के मामले पर लॉ कमीशन को दी थी। कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि जदयू और भाजपा के बीच अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और तीन तलाक पर प्रतिबंध जैसे अहम मुद्दों पर विचारधारा में गंभीर मतभेद हैं। सिंह ने कहा कि जदयू को ये समझना चाहिए कि अगर वो एनडीए में बनी रहती है तो उसका बिहार में जनता के बीच खड़ा होना मुश्किल हो जाएगा। ऐसा होने पर राज्य से उसका अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। जदयू के रुख को कमतर करने का प्रयास करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा, सहयोगी दलों की राम मंदिर, अनुच्छेद 370, समान नागरिक संहिता और तीन तलाक पर पहले से ही अलग राय रही है, लेकिन विकास के मुद्दे पर राजग में कोई मतभेद नहीं है।