बागपत: चलती ट्रेन से दबंगों ने तीन मौलवियों को बाहर फेंका, FIR दर्ज

Baghpat

बागपत। यूपी के बागपत से चलती ट्रेन में तीन मौलवियों के पिटाई का मामला सामने आया है। जहां मामूली विवाद पर कुछ अज्ञात युवकों ने पहले मौलियों की जमकर पिटाई की फिर उन्हें चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया। घायल मौलवियों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। घटना बुधवार रात की बताई जा रही हैं जब तीन मौलवी पैसेंजर ट्रेन से अपने गांव बागपत लौट रहे थे। गुरुवार को पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

Three Maulvis Were Beaten In Train By Dabang :

एक पीड़ित के मुताबिक, ट्रेन के अहेड़ा पहुंचने से पहले वे जूते पहन रहे थे कि तभी कुछ लोगों ने ट्रेन के खिड़की-दरवाजे बंद कर दिए। आरोपी लोहे की रॉड से उन्हें पीटने लगे। इस घटना में तकरीबन सात आरोपी शामिल थे। पीड़ितों में शामिल मौलवी इसरार ने बताया, “हम ऊपर वाली सीट पर बैठे थे। स्टेशन आने से पहले निचली सीट पर बैठे लोगों ने खिड़की-दरवाजे बंद कर दिए। हमने पूछा कि ऐसा क्यों कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, “जल्द ही इसकी वजह पता चल जाएगी.’ और फिर वे हमें पीटने लगे।”

उन्होंने बताया, “उन्हें हमसे परेशानी थी कि हमारे सिर ढंके हुए थे, वे हमसे लगातार पूछ रहे थे कि हमने सिर क्यों ढंके हैं? इसरार ने कहा कि वे हमलावरों के नाम नहीं जानते, लेकिन वे उन्हें पहचान सकते हैं। ग्रामीणों ने तीनों मौलवियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस को सूचना दी गई। फिलहाल मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामल दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। घायलों में इसरार और गुलजार अहेड़ा गांव के एक मदरसे में बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं। बुधवार को तीनों बागपत से दिल्ली मरकज मस्जिद को देखने गए थे।

बागपत। यूपी के बागपत से चलती ट्रेन में तीन मौलवियों के पिटाई का मामला सामने आया है। जहां मामूली विवाद पर कुछ अज्ञात युवकों ने पहले मौलियों की जमकर पिटाई की फिर उन्हें चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया। घायल मौलवियों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। घटना बुधवार रात की बताई जा रही हैं जब तीन मौलवी पैसेंजर ट्रेन से अपने गांव बागपत लौट रहे थे। गुरुवार को पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।एक पीड़ित के मुताबिक, ट्रेन के अहेड़ा पहुंचने से पहले वे जूते पहन रहे थे कि तभी कुछ लोगों ने ट्रेन के खिड़की-दरवाजे बंद कर दिए। आरोपी लोहे की रॉड से उन्हें पीटने लगे। इस घटना में तकरीबन सात आरोपी शामिल थे। पीड़ितों में शामिल मौलवी इसरार ने बताया, "हम ऊपर वाली सीट पर बैठे थे। स्टेशन आने से पहले निचली सीट पर बैठे लोगों ने खिड़की-दरवाजे बंद कर दिए। हमने पूछा कि ऐसा क्यों कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "जल्द ही इसकी वजह पता चल जाएगी.' और फिर वे हमें पीटने लगे।"उन्होंने बताया, "उन्हें हमसे परेशानी थी कि हमारे सिर ढंके हुए थे, वे हमसे लगातार पूछ रहे थे कि हमने सिर क्यों ढंके हैं? इसरार ने कहा कि वे हमलावरों के नाम नहीं जानते, लेकिन वे उन्हें पहचान सकते हैं। ग्रामीणों ने तीनों मौलवियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस को सूचना दी गई। फिलहाल मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामल दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। घायलों में इसरार और गुलजार अहेड़ा गांव के एक मदरसे में बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं। बुधवार को तीनों बागपत से दिल्ली मरकज मस्जिद को देखने गए थे।