सतलोक आश्रम में हुई छह हत्याओं में बाबा रामपाल दोषी करार

baba rampal hisar
सतलोक आश्रम में हुई पांच हत्याओं में बाबा रामपाल दोषी करार

नई दिल्ली। बरवाला के सतलोक आश्रम संचालक रामपाल के खिलाफ चार साल पहले दर्ज हुए हत्या के मामले में आज हिसार की विशेष अदालत में की गई। जहां अदालत ने बाबा रामपाल को दोषी करार दे दिया। बता दें कि यहां की केन्द्रिय कारागार में बनाई गई विशेष अदालत में जज डीआर चालिया मामले की सुनवाई कर रहे थे। जेल परिसर के बाहर नाका लगाकर भारी पुलिस बल और आरएएफ के जवानों को तैनात किया है।

Tight Security In Hisar Due To Decision In Murder Case In Satlok Aashram On Rampal :

बता दें कि सेंट्रल जेल-1 में बनी विशेष अदालत में एडीजे डीआर चालिया ने इस बेहद सनसनीखेज मामले की सुनवाई की, जिसमें उन्होने दोनो पक्षों के वकीलों की दलीले सुनने के बाद ये फैसला सुनाया है। फिलहाल किसी भी बवाल से बचने के लिए हिसार और आसपास के क्षेत्र हाई अलर्ट है। जिसके लिए हिसार के रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन के अलावा भीड़भाड़ वाले इलाकों छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अशांति की आशंका में हिसार में रेल सेवा बंद करने की सिफारिश की गई है। फिलाल शहर व आसपास के क्षत्र में इंटरनेट सेवा भी बंद की जा सकती है।

वहीं कोर्ट, सेंट्रल जेल, लघु सचिवालय सहित शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके लिए डीआइजी सहित कई जिलों के एसपी, डीएसपी पूरी तहर से मुस्तैद है। शहर में संवेदनशील जगहों पर अर्द्ध सैनिक बलों के जवान भी तैनात हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस से पूरी जानकारी ली।

बता दें कि 18 नवंबर 2014 को सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को बरवाला स्थित आश्रम से बाहर निकालने के लिए पुलिस ने अभियान शुरू किया था। जिसमें जमकर हंगामा हुआ और तमाम लोग इसमें घायल हो गये। इसके बावजूद भी बाबा के समर्थक नहीं हटे थे। अगले दिन रामपाल स्वयं बाहर निकला था। इस दौरान पांच महिलाओं सहित एक बच्चे की मौत हो गई थी।

घटना के बाद पुलिस ने दो मामले दर्ज किए। जिसमें एक में रामपाल के अलावा 15 लोग और दूसरी एफआइआर में रामपाल सहित 14 लोगों पर केस दर्ज किया गया था। इन दोनों मामलों में बृहस्पतिवार को एडीजे डीआर चालिया ने आज फैसला सुनाया है।

नई दिल्ली। बरवाला के सतलोक आश्रम संचालक रामपाल के खिलाफ चार साल पहले दर्ज हुए हत्या के मामले में आज हिसार की विशेष अदालत में की गई। जहां अदालत ने बाबा रामपाल को दोषी करार दे दिया। बता दें कि यहां की केन्द्रिय कारागार में बनाई गई विशेष अदालत में जज डीआर चालिया मामले की सुनवाई कर रहे थे। जेल परिसर के बाहर नाका लगाकर भारी पुलिस बल और आरएएफ के जवानों को तैनात किया है।बता दें कि सेंट्रल जेल-1 में बनी विशेष अदालत में एडीजे डीआर चालिया ने इस बेहद सनसनीखेज मामले की सुनवाई की, जिसमें उन्होने दोनो पक्षों के वकीलों की दलीले सुनने के बाद ये फैसला सुनाया है। फिलहाल किसी भी बवाल से बचने के लिए हिसार और आसपास के क्षेत्र हाई अलर्ट है। जिसके लिए हिसार के रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन के अलावा भीड़भाड़ वाले इलाकों छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अशांति की आशंका में हिसार में रेल सेवा बंद करने की सिफारिश की गई है। फिलाल शहर व आसपास के क्षत्र में इंटरनेट सेवा भी बंद की जा सकती है।वहीं कोर्ट, सेंट्रल जेल, लघु सचिवालय सहित शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके लिए डीआइजी सहित कई जिलों के एसपी, डीएसपी पूरी तहर से मुस्तैद है। शहर में संवेदनशील जगहों पर अर्द्ध सैनिक बलों के जवान भी तैनात हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस से पूरी जानकारी ली।बता दें कि 18 नवंबर 2014 को सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को बरवाला स्थित आश्रम से बाहर निकालने के लिए पुलिस ने अभियान शुरू किया था। जिसमें जमकर हंगामा हुआ और तमाम लोग इसमें घायल हो गये। इसके बावजूद भी बाबा के समर्थक नहीं हटे थे। अगले दिन रामपाल स्वयं बाहर निकला था। इस दौरान पांच महिलाओं सहित एक बच्चे की मौत हो गई थी।घटना के बाद पुलिस ने दो मामले दर्ज किए। जिसमें एक में रामपाल के अलावा 15 लोग और दूसरी एफआइआर में रामपाल सहित 14 लोगों पर केस दर्ज किया गया था। इन दोनों मामलों में बृहस्पतिवार को एडीजे डीआर चालिया ने आज फैसला सुनाया है।