PM मोदी पर TIME का विवादास्पद कवर, बताया- ‘डिवाइडर इन चीफ’, ‘रिफॉर्मर’

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PM मोदी पर TIME का विवादास्पद कवर, बताया- 'डिवाइडर इन चीफ', 'रिफॉर्मर'

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के बीच एक नया विवाद सामने आ गया है। अमरीका की मशहूर टाइम मैगजीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित कवर पेज जारी किया है। टाइम मैगजीन ने पीएम नरेंद्र मोदी को भारत को तोड़ने वाला शख्स (India’s Divider in Chief) बताया है। पत्रिका के एशिया एडिशन ने लोकसभा चुनाव 2019 और पिछले पांच सालों में नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज पर लीड स्टोरी की है।

Time Magazine Published Controversial Cover Photo Of Pm Narendra Modi Describing Him As Indias Divider In Chief :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज पर सख्त आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए पत्रिका ने नेहरू के समाजवाद और भारत की मौजूदा सामाजिक परिस्थिति की तुलना की है। आतिश तासीर नाम के पत्रकार द्वारा लिखे गए इस आलेख में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी ने हिन्दू और मुसलमानों के बीच भाईचारे की भावना को बढ़ाने के लिए कोई इच्छा नहीं जताई।

इस आलेख में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी ने भारत के महान शख्सियतों पर राजनीतिक हमले किए जैसे कि नेहरू। वह कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं, उन्होंने कभी भी हिन्दू-मुसलमानों के बीच भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए कोई इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। आगे इस लेख में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी का सत्ता में आना इस बात को दिखाता है कि भारत में जिस कथित उदार संस्कृति की चर्चा की जाती थी वहां पर दरअसल धार्मिक राष्ट्रवाद, मुसलमानों के खिलाफ भावनाएं और जातिगत कट्टरता पनप रही थी।

इस लेख में तीन तलाक बिल को लेकर भी पीएम मोदी पर निशाना साधा गया है। इसके मुताबिक, भारतीय मुसलमानों को शरिया पर आधारित फैमिली लॉ मानने का अधिकार मिला था। इसमें तलाक देने का उनका तरीका तीन बार तलाक बोलकर तलाक लेना भी शामिल था जिसे नरेंद्र मोदी ने 2018 में एक आदेश जारी कर तीन तलाक को कानूनी अपराध करार दे दिया दिया।

टाइम के इस लेख में 1984 के सिख दंगों और 2002 के गुजरात दंगों की तुलना की गई है। इसके मुताबिक, ये बात सही है कि कांग्रेस के कार्यकाल में 1984 के दंगे हुए थे। लेकिन इस दौरान पार्टी ने खुद को उन्मादी भीड़ से अलग रखा था। वहीं, नरेंद्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री रहते 2002 में दंगे हुए। लेकिन मोदी अपनी चुप्पी से ‘दंगाइयों के लिए दोस्त’ साबित हुए।

यह कोई पहली बार नहीं है जब टाइम मैगजीन में नरेंद्र मोदी की आलोचलना की है। साल 2012 में मैगजीन ने अपने एक लेख में नरेंद्र मोदी को एक विवादास्पद, महत्वाकांक्षी और चतुर राजनेता बताया था।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के बीच एक नया विवाद सामने आ गया है। अमरीका की मशहूर टाइम मैगजीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित कवर पेज जारी किया है। टाइम मैगजीन ने पीएम नरेंद्र मोदी को भारत को तोड़ने वाला शख्स (India’s Divider in Chief) बताया है। पत्रिका के एशिया एडिशन ने लोकसभा चुनाव 2019 और पिछले पांच सालों में नरेंद्र मोदी सरकार के कामकाज पर लीड स्टोरी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज पर सख्त आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए पत्रिका ने नेहरू के समाजवाद और भारत की मौजूदा सामाजिक परिस्थिति की तुलना की है। आतिश तासीर नाम के पत्रकार द्वारा लिखे गए इस आलेख में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी ने हिन्दू और मुसलमानों के बीच भाईचारे की भावना को बढ़ाने के लिए कोई इच्छा नहीं जताई। इस आलेख में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी ने भारत के महान शख्सियतों पर राजनीतिक हमले किए जैसे कि नेहरू। वह कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं, उन्होंने कभी भी हिन्दू-मुसलमानों के बीच भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए कोई इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। आगे इस लेख में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी का सत्ता में आना इस बात को दिखाता है कि भारत में जिस कथित उदार संस्कृति की चर्चा की जाती थी वहां पर दरअसल धार्मिक राष्ट्रवाद, मुसलमानों के खिलाफ भावनाएं और जातिगत कट्टरता पनप रही थी। इस लेख में तीन तलाक बिल को लेकर भी पीएम मोदी पर निशाना साधा गया है। इसके मुताबिक, भारतीय मुसलमानों को शरिया पर आधारित फैमिली लॉ मानने का अधिकार मिला था। इसमें तलाक देने का उनका तरीका तीन बार तलाक बोलकर तलाक लेना भी शामिल था जिसे नरेंद्र मोदी ने 2018 में एक आदेश जारी कर तीन तलाक को कानूनी अपराध करार दे दिया दिया। टाइम के इस लेख में 1984 के सिख दंगों और 2002 के गुजरात दंगों की तुलना की गई है। इसके मुताबिक, ये बात सही है कि कांग्रेस के कार्यकाल में 1984 के दंगे हुए थे। लेकिन इस दौरान पार्टी ने खुद को उन्मादी भीड़ से अलग रखा था। वहीं, नरेंद्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री रहते 2002 में दंगे हुए। लेकिन मोदी अपनी चुप्पी से ‘दंगाइयों के लिए दोस्त’ साबित हुए। यह कोई पहली बार नहीं है जब टाइम मैगजीन में नरेंद्र मोदी की आलोचलना की है। साल 2012 में मैगजीन ने अपने एक लेख में नरेंद्र मोदी को एक विवादास्पद, महत्वाकांक्षी और चतुर राजनेता बताया था।