मुकुल रॉय का TMC छोड़ने का ऐलान, पार्टी ने किया छह साल के लिये सस्पेंड

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने सोमवार को पार्टी छोड़ने के अपने फैसले का ऐलान किया। मुकुल रॉय को किसी समय में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का काफी करीबी और विश्वासपात्र माना जाता था। रॉय ने कहा कि वह दुर्गा पूजा के बाद तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। बता दें कि दुर्गा पूजा का समापन 30 सितम्बर को हो रहा है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने मुकुल रॉय को पार्टी से 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया है।

रॉय ने कहा, मैं भारी दिल और दुख से आपको यह बताना चाहता हूं कि मैंने सैद्धातिक फैसला लिया है। मैं अब पार्टी का पदाधिकारी नहीं हूं। मैं अपना इस्तीफा पार्टी की कार्यकारी समिति को आज मेल कर दूंगा। उन्होंने कहा, मैं दुर्गा पूजा के बाद राज्यसभा सदस्यता छोड़ दूंगा। मैं कुछ दिनों बाद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दूंगा।

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रॉय ने हालांकि अपने फैसले के बारे में अधिक जानकारी देने या इसका कारण बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इस बारे में वह बाद में बात करेंगे। तृणमूल के संस्थापकों में से एक रॉय ने कहा कि 17 दिसम्बर 1997 को पार्टी की नींव रखने वालों में से वह एक थे। तृणमूल आधिकारिक तौर पर एक जनवरी 1998 में अस्तित्व में आई थी।

कई महीनों तक पार्टी में दरकिनार किए जाने के बाद कई सप्ताह से रॉय के पार्टी छोड़ने का अनुमान लगाया जा रहा था, उन्होंने धीरे-धीरे पार्टी से दूरी बना ली थी। ऐसा भी अनुमान है कि वह किसी अन्य पार्टी, विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी के साथ नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं।

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बताते चलें कि मुकुल रॉय का नाम शारदा चिटफंड घोटाले में आया है। 2015 में सीबीआई ने उनसे पूछताछ की थी। उसके बाद से तृणमूल से उनके संबंध बिगड़ते गए।