गुरुवार को इन कार्यों को करने से हो जाएंगे मालामाल

आज त्रयोदशी जया संज्ञक तिथि सायं ४.१२ तक, तदुपरान्त चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि रहेगी। शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी में यदि समयादि शुद्ध हो तो जनेऊ को छोडक़र समस्त शुभ व मांगलिक कार्य, यात्रा, प्रवेश, वस्त्रालंकार आदि कार्य शुभ होते हैं। पर चतुर्दशी तिथि में शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं।

नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद ‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र प्रात: ६.५६ तक, तदन्तर अन्तरात्रि ५.२९ तक रेवती, इसके बाद अश्विनी नक्षत्र रहेगा। रेवती व अश्विनी दोनों गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र भी है। अत: इन नक्षत्रों में जन्मे जातकों के हितार्थ २७ दिन बाद जब इन नक्षत्रों की पुनरावृत्ति हो, उस दिन विधिपूर्वक नक्षत्र शांति करा देना हितकर होगा।

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योग: हर्षण नामक नैसर्गिक शुभ योग दोपहर बाद १.४६ तक, इसके बाद वज्र नामक नैसर्गिक अशुभ योग है। वज्र नामक योग की प्रथम तीन घटी शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: प्रात: ६.५६ से अंतरात्रि सूर्योदय पूर्व प्रात: ५.२९ तक सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग व रवियोग नामक शुभ योग है। करण: तैतिल नामकरण सायं ४.१२ तक, इसके बाद गरादि करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143९, मु.मास: सफर-१२
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : हेमन्त
मास : कार्तिक।
पक्ष : शुक्ल।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज रेवती नक्षत्र में प्रसूतिस्नान, नामकरण, अन्नप्राशन, हलप्रवहण, विपणि-व्यापारारम्भ व जीर्णगृह प्रवेश आदि के शुभ मुहूर्त हैं।

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श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: ८.०१ तक शुभ, पूर्वाह्न १०.४८ से अपराह्न २.५५ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा सायं ४.१७ से सूर्यास्त तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर ११.४८ से दोपहर १२.३२ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारंभ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज राधावल्लभ पाटोत्सव व काशी विश्वनाथ प्रतिष्ठा दिवस है। पंचक अंतरात्रि सूर्योदय पूर्व ५.२९ तक है। चन्द्रमा: चन्द्रमा अंतरात्रि अगले दिन सूर्योदय पूर्व प्रात: ५.२९ तक मीन राशि में, इसके बाद मेष राशि में रहेगा।

ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: रात्रि १२ बजे शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेगा। दिशाशूल: गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज उत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

राहुकाल: दोपहर बाद १.३० से अपराह्न ३.०० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

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आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (ञ, दे, दो, चा, ची, चू) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। अंतरात्रि अगले दिन सूर्योदय पूर्व प्रात: ५.२९ तक जन्मे जातकों की जन्म राशि मीन तथा इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि मेष होगी। इनका जन्म स्वर्णपाद से है। सामान्यत: ये जातक सुखी, ज्ञानी, शत्रुजित, कोई-कोई जातक कुसंगति के प्रभाव से असद् कार्यों में लिप्त हो जाते हैं। इन जातकों के १७-२१ व २४ वें वर्ष प्राय: अच्छे नहीं रहते। मीन राशि वाले जातकों को आज कुछ चिंता के दौर से गुजरना पड़ सकता है।

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