‘इज्जतघर’ ना होने से ‘पिया के घर’ आने से इनकार

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Toilet In Amethi

अमेठी। अमेठी स्वच्छ भारत अभियान की सफलता की दावे सरकार तो खूब करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत क्या है यह आपको हम बताने जा रहे हैं। अमेठी की जमीनी सच्चाई यही है कि आज भी यहां के ग्रामीण इलाकों में ऐसे परिवार बहुतों हैं जिनके घर शौचालय का निर्माण तक नहीं हुआ। भले ही सरकार खुले में शौच नहीं जाने के लिये जागरूक करने के नाम पर पानी की तरह पैसा बहा रही है, लेकिन जमीन पर ज़्यादा बदलाव होता नहीं दिख रहा। यहां एक बेटी ने शौचालय का निर्माण नहीं होने तक पिया का घर छोड़कर मायके को ही अपना ठिकाना बना लिया है वह शौचालय का निर्माण कराये जाने पर ही ससुराल में कदम रखने की जिद पर अड़ी है ।

क्या है मामला-
अमेठी के ग्राम पंचायत अग्रेसर के पनवरिया पुरवा निवासी सुभाष कुमार पुत्र रवि कुमार का विवाह नवंबर माह में को पड़ोसी जनपद प्रतापगढ़ के मन्दाह गांव निवासी माया देवी पुत्र स्व. जयराम के साथ धूम-धाम से संपन्न हुआ था विवाह के बाद युवती को एक पखवारे बाद ससुराल जाना था विदाई की तारीख रखने के बाद युवती ने ससुरालीजनों से घर पर इज्जत घर की बाबत पूछा। जानकारी मिलने पर कि ससुराल में शौचालय नहीं बना है तो उसने ससुराल जाने से इंकार कर दिया।

पहले ‘इज्जतघर’ बनवाइए का फिर आएंगे ससुराल-
नवविवाहिता के ससुर सुभाष कुमार वापस घर आए और ग्राम प्रधान अग्रेसर अभय प्रताप सिंह से सारी बातों की जानकारी दी और मदद मांगी प्रधान ने दूरभाष से बात करके युवती व उसके परिजनों से बात करके एक सप्ताह में इज्जत घ बनवाए जाने का वादा किया तब किसी तरह से युवती तैयार हुई प्रधान ने बताया कि उनकेयहां से इज्जत घर निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जाएगी।

बोले जिम्मेदार-
मामला संज्ञान में नही है यदि ऐसा पाया गया तो जल्द शौचालय का निर्माण करवाया जाएगा- उपजिलाधिकारी अमेठी

रिपोर्ट-राम मिश्रा 

अमेठी। अमेठी स्वच्छ भारत अभियान की सफलता की दावे सरकार तो खूब करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत क्या है यह आपको हम बताने जा रहे हैं। अमेठी की जमीनी सच्चाई यही है कि आज भी यहां के ग्रामीण इलाकों में ऐसे परिवार बहुतों हैं जिनके घर शौचालय का निर्माण तक नहीं हुआ। भले ही सरकार खुले में शौच नहीं जाने के लिये जागरूक करने के नाम पर पानी की तरह पैसा बहा रही है, लेकिन जमीन पर ज़्यादा बदलाव होता…