राहुल की रोटी के लिए दलित ने लिया कर्ज, अब कैसे चुकाए गरीब

मऊ। कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी हाल ही अपनी यात्रा के दौरान मऊ में एक दलित शख्स के घर में भोजन करने पहुंचे थे। जहां उस शख्स ने कर्ज लेकर भोजन की व्यवस्था की थी। राहुल वहां पहुंचे, लोगों की परेशानियां पूछी और भोजन करके निकल लिए। लेकिन अब स्वामीनाथ परेशान हैं क्योंकि उनके लिए कर्ज चुकाना मुसीबत बन गया है। उसने राहुल गांधी की रोटी के लिए अपने बड़े भाई से दस किलो आटा कर ज पर लिया था। अब उसे समझ में नहीं आ रहा है कि कैसे वह कर्ज चुका पायेगा।

कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी 27 साल यूपी बेहाल नारे के साथ उत्तर प्रदेश में किसान यात्रा पर निकले थे। किसानों और जनता की समस्याओं को जानने के लिए जगह-जगह पर उन्होंने जनसभा और रोड शो किया था। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के बड़ागांव के स्वामीनाथ के घर में राहुल के लिए जो भोजन की व्यवस्था की गई थी। उसके लिए आटा उधार मांग कर लाया गया था। उन्होंने जिले के बड़ागांव दलित बस्ती में स्वामीनाथ नाम के व्यक्ति के घर पर भोजन किया था। इस दौरान स्वामी नाथ से राहुल गांधी ने भी बात की थी। उनकी परेशानियां पूछी थी। स्वामीनाथ के परिवार के लोगों के बारे में, बच्चे क्या करते हैं, कर्ज है कि नहीं है पूरी जानकारी हासिल की थी।

राहुल गांधी से बात करते समय स्वामी नाथ ने उन्हें बताया था कि उनके ऊपर कर्ज है। बच्चों ने गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ दी है। राहुल गांधी ने सबकुछ जानने का प्रयास किया लेकिन स्वामी नाथ से यह नहीं पूछा कि उन्हें जो भोजन स्वामी नाथ ने कराया है, उसकी व्यवस्था कहां से की गई है। खाना बनाने के लिए स्वामी नाथ ने आटा उधार लिया था। वहीं दूसरे सामानों के लिए भी उसने कर्ज लेकर पूरी व्यवस्था की थी। हालांकि स्वामी नाथ कहते हैं कि मैंने कर्ज लिया है, तो मैं कर्ज चुका दूंगा पर उनकी बातों से एक टीस साफ झलकती है कि राहुल गांधी आने वाले थे, तो कांग्रेसी नेताओं का जमावड़ा लग गया था, पर उनके चले जाने के बाद उनकी कोई सुनने वाला वाला नहीं है।

स्वामी के परिवार और बस्ती के लोगों का मानना था कि राहुल जी उनकी बस्ती में आए हैं, तो उनका विकास होगा और बस्ती तरक्की करेगी। लेकिन सबकुछ वैसा का वैसा ही रह गया जैसे पहले था। पहले भी नेता आए और चले गए, बस रह गया तो उनके द्वारा किए गए कुछ वादे जिन्हें आजतक पूरे नहीं किए गए।