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झांसी मंडल के ADEN लाइन झांसी में ट्रैकमैनो की वरीयता सूची में धांधली

सहायक मंडल अभियंता लाइन झांसी (Assistant Divisional Engineer Line Jhansi) के अंतर्गत दो PWI कार्यालय झांसी नार्थ और डबरा है। वर्ष 2021 की वरीयता सूची अभी तक फाइनल नहीं हो पाई है। पूर्व के सहायक मंडल अभियंताओं ने काफी अनियमितता की गई है। जिसमें जूनियर कर्मचारियों को सीनियर व सीनियर कर्मचारियों को जूनियर दर्शाया गया है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

झांसी। सहायक मंडल अभियंता लाइन झांसी (Assistant Divisional Engineer Line Jhansi) के अंतर्गत दो PWI कार्यालय झांसी नार्थ और डबरा है। वर्ष 2021 की वरीयता सूची अभी तक फाइनल नहीं हो पाई है। पूर्व के सहायक मंडल अभियंताओं ने काफी अनियमितता की गई है। जिसमें जूनियर कर्मचारियों को सीनियर व सीनियर कर्मचारियों को जूनियर दर्शाया गया है।

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राहुल यादव कोटा मंडल से रमेश चंद्र मीणा कार्यरत एस एस ई पिवे नार्थ झांसी से पारस्परिक स्थानांतरण कराकर 2018 में झांसी आए, लेकिन रमेश चंद्र मीणा को आज तक कोटा नहीं भेजा गया। राहुल यादव को स्वयं के आवेदन पर स्थानांतरण की वरीयता दी जा रही है जो बिल्कुल गलत है।

बता दें कि म्यूचुल स्थानांतरण में दोनों कर्मचारी में जो कनिष्ठ रहता है उसी की वरीयता दोनों को दिया जाता है। रेल प्रशासन ने राहुल यादव के म्यूचुल को झांसी से कोटा मंडल नहीं भेजा है और ना ही उनके मैचुअल रद्द करने का कोई पत्र जारी किया गया था, जबकि पारस्परिक स्थानांतरण में दोनों मंडल कार्यालय से अनापत्ति पत्र (NOC) जारी किया जाता है।

ग्रेड-पे 2800 कि सूची में क्रमांक संख्या एक पर ही श्यामलाल है, जिनको भर्ती की तिथि से पहले ही स्थाई कर दिया गया है। 23 पर शिवदयाल एवं 24 पर रघुबीर को रखा गया है। जबकि इन दोनों लोगों से पहले स्थाई हुए एवं पदोन्नति पाएं हुए कर्मचारी सुरेश को ग्रेड-पे 2400 की सूची में सातवें नंबर पर कर दिया गया है।

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वरीयता सूची में एस एस ई पिवे डबरा के क्लर्क अमित कुमार रैकवार, एस एस इ पिवे नार्थ के क्लर्क संजय कुमार रजक, एडिइएन कार्यालय के क्लर्क सुनीता साहू एवं हृदेश नारायण द्विवेदी तथा सहायक मंडल अभियंता लाइन झांसी के हस्ताक्षर के बाद ही मंडल से स्वीकृत कराया जाता है। एडिइएन लाइन झांसी के द्वारा बाहर से पारस्परिक स्थानांतरण करा कर आए कर्मचारियों के बदले वाले कर्मचारी को दूसरे स्थान पर नहीं भेजा जाता है और जो कर्मचारी बाहर से आता है। उसे स्वयं का आवेदन के स्थानांतरण (ऑन रिक्वेस्ट) की वरीयता देकर सबसे जूनियर कर दिया जाता है।

एडीइएन कार्यालय ने अपनी गलतियों को छुपाने और कार्मिक विभाग को गुमराह करने के लिए गलत पत्र कार्मिक विभाग को भेजा जाता है। कार्मिक विभाग ने भी उसी पत्र के आधार पर गलत पत्र जारी करके एडीइएन कार्यालय को भेज दिया जाता है। मंडल कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले को संज्ञान में लेते हुए निष्पक्ष जांच कर सही वरीयता सूची बनवा कर जारी कराया जाए जिससे किसी कर्मचारी का आर्थिक नुकसान ना हो।

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