परेशान न कर सके ट्रैफिक पुलिस इसलिए जान लें अपने अधिकार

परेशान न कर सके ट्रैफिक पुलिस इसलिए जान लें अपने अधिकार
परेशान न कर सके ट्रैफिक पुलिस इसलिए जान लें अपने अधिकार

नई दिल्ली। नया मोटर व्हीकल एक्ट (New Motor Vehicle Act) लागू कर दिया है और उसके बाद से ट्रैफिक नियमों को तोड़ना हर किसी के लिए भारी पड़ने लगा है। दरअसल, नए एक्ट में ट्रैफिक रुल्स तोड़ने पर भारी भरकम जुर्माना वसूला जा रहा है और इसके लिए ट्रैफिक पुलिस भी मुस्तैदी से नियमों का पालन करवा रही है। वहीं नियमों का उल्लंघन करने पर हजारों का चालान कट रहा हैं।

Traffic Police Can Not Do This Even If You Break The New Motor Vehicle :

ट्रैफिक नियमों को फॉलो करना जरूरी है लेकिन आपको नियमों का हवाला देकर ट्रैफिक पुलिस परेशान नहीं कर सकती है। आपको अपने अधिकार भी पता होने चाहिए…. आइये जानते हैं नए मोटर व्हीकल एक्ट के बारे में….

ट्रैफिक पुलिस आपके साथ ये नहीं कर सकती

  • मसलन हर ट्रैफिक जवान को यूनिफॉर्म में रहना जरूरी है। यूनिफॉर्म पर बकल नंबर और उसका नाम होना चाहिए।
  • अगर ये दोनों ट्रैफिक पुलिस के पास नहीं हैं तो आप उससे पहचान पत्र दिखाने को कह सकते हैं। अगर ट्रैफिक पुलिस अपना पहचान पत्र दिखाने से मना करता है तो आप अपनी गाड़ी के दस्तावेज उसे न दें।
  • जिस ट्रैफिक पुलिस ने आपको रोका है, उसके पास चालान बुक या ई-चालान होना चाहिए, इसके बिना वो नियमानुसान चालान नहीं कर सकते।
  • जब भी आपको कोई ट्रैफिक पुलिस का जवान रोकता है तो आप गाड़ी आराम से किनारे लगाएं। अपनी गाड़ी के दस्तावेज उसे दिखाएं और इस बात का ध्यान रखें कि आपको गाड़ी के दस्तावेज दिखाने हैं, उन्हें ट्रैफिक पुलिस को सौंपना नहीं है।
  • ट्रैफिक पुलिस के जवान का भी आपके साथ शालीनता से पेश आना जरूरी है।
  • ट्रैफिक पुलिस के जवान जबरदस्ती आपकी गाड़ी की चाबी नहीं निकाल सकते।
  • आपके साथ किसी भी तरह की बदतमीजी नहीं कर सकते।
  • आपको भी ट्रैफिक पुलिस के साथ बहस से बचना चाहिए, परेशानी की हालत में ट्रैफिक पुलिस भी आपकी समस्या को समझते हुए नरमी से पेश आ सकते हैं।
  • अगर आपकी गाड़ी सड़क के किनारे खड़ी है तो क्रेन उसे तब तक नहीं उठा सकती, जब तक आप गाड़ी के अंदर बैठे हों। आपकी गाड़ी गलत तरीके और गलत जगह पर पार्क है, तभी गाड़ी उठाई जा सकती है।
  • अगर ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ट्रैफिक पुलिस आपको हिरासत में लेती है तो हिरासत में लेने के 24 घंटों के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना जरूरी है।
  • अगर आपको ट्रैफिक पुलिस परेशान या प्रताड़ित कर रही है तो संबंधित पुलिस थाने में इसकी शिकायत की जा सकती है।
  • आप ट्रैफिक पुलिस के गलत व्यवहार की लिखित शिकायत कर सकते हैं, शिकायत पत्र आप ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक (एसपी) या जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को दे सकते हैं।
  • हरियाणा और चंडीगढ़ में ऐसे भी नियम हैं कि चालान पर हस्ताक्षर करने से पहले ड्राइवर अपने कमेंट्स लिख सकता है।
नई दिल्ली। नया मोटर व्हीकल एक्ट (New Motor Vehicle Act) लागू कर दिया है और उसके बाद से ट्रैफिक नियमों को तोड़ना हर किसी के लिए भारी पड़ने लगा है। दरअसल, नए एक्ट में ट्रैफिक रुल्स तोड़ने पर भारी भरकम जुर्माना वसूला जा रहा है और इसके लिए ट्रैफिक पुलिस भी मुस्तैदी से नियमों का पालन करवा रही है। वहीं नियमों का उल्लंघन करने पर हजारों का चालान कट रहा हैं। ट्रैफिक नियमों को फॉलो करना जरूरी है लेकिन आपको नियमों का हवाला देकर ट्रैफिक पुलिस परेशान नहीं कर सकती है। आपको अपने अधिकार भी पता होने चाहिए.... आइये जानते हैं नए मोटर व्हीकल एक्ट के बारे में.... ट्रैफिक पुलिस आपके साथ ये नहीं कर सकती
  • मसलन हर ट्रैफिक जवान को यूनिफॉर्म में रहना जरूरी है। यूनिफॉर्म पर बकल नंबर और उसका नाम होना चाहिए।
  • अगर ये दोनों ट्रैफिक पुलिस के पास नहीं हैं तो आप उससे पहचान पत्र दिखाने को कह सकते हैं। अगर ट्रैफिक पुलिस अपना पहचान पत्र दिखाने से मना करता है तो आप अपनी गाड़ी के दस्तावेज उसे न दें।
  • जिस ट्रैफिक पुलिस ने आपको रोका है, उसके पास चालान बुक या ई-चालान होना चाहिए, इसके बिना वो नियमानुसान चालान नहीं कर सकते।
  • जब भी आपको कोई ट्रैफिक पुलिस का जवान रोकता है तो आप गाड़ी आराम से किनारे लगाएं। अपनी गाड़ी के दस्तावेज उसे दिखाएं और इस बात का ध्यान रखें कि आपको गाड़ी के दस्तावेज दिखाने हैं, उन्हें ट्रैफिक पुलिस को सौंपना नहीं है।
  • ट्रैफिक पुलिस के जवान का भी आपके साथ शालीनता से पेश आना जरूरी है।
  • ट्रैफिक पुलिस के जवान जबरदस्ती आपकी गाड़ी की चाबी नहीं निकाल सकते।
  • आपके साथ किसी भी तरह की बदतमीजी नहीं कर सकते।
  • आपको भी ट्रैफिक पुलिस के साथ बहस से बचना चाहिए, परेशानी की हालत में ट्रैफिक पुलिस भी आपकी समस्या को समझते हुए नरमी से पेश आ सकते हैं।
  • अगर आपकी गाड़ी सड़क के किनारे खड़ी है तो क्रेन उसे तब तक नहीं उठा सकती, जब तक आप गाड़ी के अंदर बैठे हों। आपकी गाड़ी गलत तरीके और गलत जगह पर पार्क है, तभी गाड़ी उठाई जा सकती है।
  • अगर ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ट्रैफिक पुलिस आपको हिरासत में लेती है तो हिरासत में लेने के 24 घंटों के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना जरूरी है।
  • अगर आपको ट्रैफिक पुलिस परेशान या प्रताड़ित कर रही है तो संबंधित पुलिस थाने में इसकी शिकायत की जा सकती है।
  • आप ट्रैफिक पुलिस के गलत व्यवहार की लिखित शिकायत कर सकते हैं, शिकायत पत्र आप ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक (एसपी) या जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को दे सकते हैं।
  • हरियाणा और चंडीगढ़ में ऐसे भी नियम हैं कि चालान पर हस्ताक्षर करने से पहले ड्राइवर अपने कमेंट्स लिख सकता है।