मोबाइल नंबर पोर्ट करवाना हुआ आसान, TRAI ने उठाया कदम

मोबाइल नंबर ,mobile number
जल्द ही मोबाइल नंबर में होगा बदलाव, 1 जुलाई से जारी होंगे 13 डिजिट के नंबर

नई दिल्ली। मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए अब आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दूरसंचार नियामक ट्राई मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) प्रणाली की समीक्षा करने की सोच रहा है जिससे ग्राहकों के लिए मोबाइल नंबर पोर्ट करवाने की प्रक्रिया को सरल व तीव्र बनाया जा सके। गौरतलब है कि बीते कुछ समय पहले एमएनपी का शुल्क 19 रुपये से घटाकर चार रुपये कर दिया था, वहीं अब इस प्रक्रिया के तहत लगने वाले समय को भी कम करने की जा रही है।

Trai Is Working On Making Portability Process Fast And Easy :

TRAI के चेयरमैन आर. एस. शर्मा ने कहा कि संस्था एमएनपी की पूरी प्रक्रिया को बदलना और उसे ग्राहकों के लिए तेज और आसान बनाना चाहती है। इस महीने के अंत तक परामर्श पत्र जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि वर्तमान में मोबाइल ग्राहकों को मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी बदलने में करीब हफ्ते भर का वक्त लग जाता है, जबकि वैश्विक स्तर पर इस प्रक्रिया में महज कुछ घंटे लगते हैं।

शर्मा ने कहा, ‘एमएनपी की प्रक्रिया में तेजी के लिए हम इस महीने के अंत तक परामर्श पत्र जारी करेंगे। इसका मकसद एमएनपी में लगने वाली मौजूदा अवधि को कम करना और पूरी प्रक्रिया को सरल बनाना है।’ गौरतलब है कि एमएनपी के तहत मोबाइल फोन धारक अपना फोन नंबर बदले बिना सेवा प्रदाता कंपनी बदल सकते हैं। इतना ही नहीं, वे एक ही मोबाइल सेवा प्रदाता के तहत सर्किल बदलने के लिए भी एमएनपी का उपयोग कर सकते हैं। नंबर पोर्टेबिलिटी में अब सप्ताह नहीं बल्कि घंटे लगेंगे।

नई दिल्ली। मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए अब आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दूरसंचार नियामक ट्राई मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) प्रणाली की समीक्षा करने की सोच रहा है जिससे ग्राहकों के लिए मोबाइल नंबर पोर्ट करवाने की प्रक्रिया को सरल व तीव्र बनाया जा सके। गौरतलब है कि बीते कुछ समय पहले एमएनपी का शुल्क 19 रुपये से घटाकर चार रुपये कर दिया था, वहीं अब इस प्रक्रिया के तहत लगने वाले समय को भी कम करने की जा रही है।TRAI के चेयरमैन आर. एस. शर्मा ने कहा कि संस्था एमएनपी की पूरी प्रक्रिया को बदलना और उसे ग्राहकों के लिए तेज और आसान बनाना चाहती है। इस महीने के अंत तक परामर्श पत्र जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि वर्तमान में मोबाइल ग्राहकों को मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी बदलने में करीब हफ्ते भर का वक्त लग जाता है, जबकि वैश्विक स्तर पर इस प्रक्रिया में महज कुछ घंटे लगते हैं।शर्मा ने कहा, ‘एमएनपी की प्रक्रिया में तेजी के लिए हम इस महीने के अंत तक परामर्श पत्र जारी करेंगे। इसका मकसद एमएनपी में लगने वाली मौजूदा अवधि को कम करना और पूरी प्रक्रिया को सरल बनाना है।’ गौरतलब है कि एमएनपी के तहत मोबाइल फोन धारक अपना फोन नंबर बदले बिना सेवा प्रदाता कंपनी बदल सकते हैं। इतना ही नहीं, वे एक ही मोबाइल सेवा प्रदाता के तहत सर्किल बदलने के लिए भी एमएनपी का उपयोग कर सकते हैं। नंबर पोर्टेबिलिटी में अब सप्ताह नहीं बल्कि घंटे लगेंगे।