TRAI ने कम की मोबाइल पोर्टेबिलिटी की दर, सिर्फ 4 रुपये में पोर्ट होगा मोबाइल नंबर

mobile portbility , नंबर पोर्टबिलिटी
इस वजह से अगले साल से नंबर पोर्टबिलिटी हो सकती है बंद

नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए लगने वाले शुल्क को कम करने का प्रस्ताव दिया है। मोबाइल नंबर पोर्ट कराने का अधिकतम शुल्क 19 रुपये होता है जिसमें 80% तक की कटौती करने की बात कही गयी है। एमएनपी की सुविधा तीन जुलाई 2015 को शुरू की गई थी।

Trai Wants Number Porting Fee To Be 80 Lower And Should Charge 4 Rupees :

एमएनपी के तहत कोई उपभोक्ता अपना नंबर बदले बिना ही मोबाइल ऑपरेटर बदल सकता है। ट्राई का कहना है कि इस प्रक्रिया में आने वाली असल लागत की तुलना में यह शुल्क बहुत ज्यादा है। एमएनपी के लिए लगातार बढ़ते आवेदनों की संख्या की वजह से लागत घटी है। इसके मद्देनजर ट्राई का मानना है कि एमएनपी शुल्क को और कम करने की जरूरत है।

ट्राई इस शुल्क को चार रुपये पर लाने के लिए संबंधित पक्षों से चर्चा कर रहा है। बता दें कि ट्राई ने नवंबर 2009 में 19 रुपये पोर्टिंग चार्ज फिक्स किया था। जब सरकार ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) शुरू की थी, तब एमएमनपी सिर्फ सर्किल में लागू थी। हालांकि इसे जुलाई 2015 में केंद्र सरकार ने बढ़ाकर पूरे देश में लागू कर दिया था। एमएनपी की सुविधा तीन जुलाई, 2015 को शुरू की गई थी। इस सुविधा के ज़रिए यूज़र्स अपना नंबर बदले बिना ही मोबाइल ऑपरेटर बदल सकते हैं।

नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) के लिए लगने वाले शुल्क को कम करने का प्रस्ताव दिया है। मोबाइल नंबर पोर्ट कराने का अधिकतम शुल्क 19 रुपये होता है जिसमें 80% तक की कटौती करने की बात कही गयी है। एमएनपी की सुविधा तीन जुलाई 2015 को शुरू की गई थी।एमएनपी के तहत कोई उपभोक्ता अपना नंबर बदले बिना ही मोबाइल ऑपरेटर बदल सकता है। ट्राई का कहना है कि इस प्रक्रिया में आने वाली असल लागत की तुलना में यह शुल्क बहुत ज्यादा है। एमएनपी के लिए लगातार बढ़ते आवेदनों की संख्या की वजह से लागत घटी है। इसके मद्देनजर ट्राई का मानना है कि एमएनपी शुल्क को और कम करने की जरूरत है।ट्राई इस शुल्क को चार रुपये पर लाने के लिए संबंधित पक्षों से चर्चा कर रहा है। बता दें कि ट्राई ने नवंबर 2009 में 19 रुपये पोर्टिंग चार्ज फिक्स किया था। जब सरकार ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) शुरू की थी, तब एमएमनपी सिर्फ सर्किल में लागू थी। हालांकि इसे जुलाई 2015 में केंद्र सरकार ने बढ़ाकर पूरे देश में लागू कर दिया था। एमएनपी की सुविधा तीन जुलाई, 2015 को शुरू की गई थी। इस सुविधा के ज़रिए यूज़र्स अपना नंबर बदले बिना ही मोबाइल ऑपरेटर बदल सकते हैं।