1. हिन्दी समाचार
  2. देश की पहली इंजन रहित सेमी बुलेट ट्रेन का नाम होगा ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’

देश की पहली इंजन रहित सेमी बुलेट ट्रेन का नाम होगा ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’

Train 18 Is Now Named Vande Bharat Express

By आस्था सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। देश की पहली इंजन रहित सेमी बुलेट ट्रेन T-18 बनकर तैयार हो गई है हालांकि यह कब से चलेगी अभी इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस ट्रेन के कई नाम सुझाए गए लेकिन अंत में इस ट्रेन का नाम ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ तय किया गया। 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनाई गई यह ट्रेन दिल्ली और वाराणसी के बीच में चलेगी।

पढ़ें :- रूपेश हत्याकांडः डीजीपी का दावा-ठेके के विवाद में हुई थी हत्या

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने T-18 की तारीफ करते हुए कहा कि इस ट्रेन को डेवलप करने का श्रेय तमिलनाडु को जाता है, अब समय आ गया है T-18 देश में लोगों को हाई स्पीड कनेक्टिविटी देगी। युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार दिलाने की बात करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि ट्रेन को लेकर दुनिया के दूसरे देशों ने भी काफी दिलचस्पी नज़र आ रही है लिहाजा इस ट्रेन का बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू होगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राजधानी दिल्ली में बताया कि गणतंत्र दिवस के मौके पर यह लोगों के लिए गिफ्ट है और हमने प्रधानमंत्री से इस ट्रेन का फ्लैग ऑफ करने का निवेदन किया है।

ट्रेन में होंगी ये खास सुविधाएं

  • 16 डिब्बों की यह ट्रेन एरो डायनामिक्स के हिसाब से डिजाइन की गई है।
  • इसमें शीशे की बड़ी-बड़ी खिड़कियां है।
  • पूरी ट्रेन में ऑटोमेटिक दरवाज़े होंगे।
  • इस ट्रेन में दिव्यांगों के लिए खास तरीके के टॉयलेट हैं।
  • इस ट्रेन में बाकी ट्रेनों की तरह अलग से इंजन नहीं लगाया जाता है, बल्कि हर डिब्बे के नीचे मोटर लगी हुई है, जिससे ट्रेन चलाई जाती है।
  • ट्रेन के दोनों हिस्सों पर ड्राइवर केबिन है जिससे ट्रेन को बार-बार शंटिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • ट्रेन के अंदर की कुर्सियां को खास तरीके से डिजाइन किया गया है, जिससे इनको जिस डायरेक्शन में ट्रेन जा रही होती है उस डायरेक्शन की तरफ मोड़ा जा सकता है।
  • पूरी ट्रेन में एलईडी लाइटिंग है और अंदर के साथ साथ ट्रेन को बाहर से भी खूबसूरत लुक दिया गया है।

सीसीआरएस से मिला सेफ्टी सर्टिफिकेट

देश में मेक इन इंडिया के तहत बनाई गई T-18 यानी वंदे भारत एक्सप्रेस 18 महीनों की अवधि के दौरान चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनाई गई है। इस ट्रेन को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर दिल्ली से आगरा के बीच में सीसीआरएस की मौजूदगी में चला कर देखा गया जिसके बाद 25 जनवरी को इस ट्रेन को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर चलाने के लिए सीसीआरएस ने सेफ्टी सर्टिफिकेट दे दिया है।

पढ़ें :- यूपी विधान परिषद चुनावः भाजपा-सपा के सभी प्रत्याशियों का निर्वाचन तय, महेश शर्मा का नामांकन खारिज

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...