160 किलोमीटर तक गलत ट्रैक पर दौड़ी ट्रेन, यात्रियों के हंगामे पर रेलवे ने सुधारी गलती

मुरैना। आपने चिट्ठी तो गलत पते पर पहुंचती देखी होंगी और मोबाइल में क्रास कनेक्शन की समस्या का सामना भी किया होगा। लेकिन अगर रेलवे के अधिकारी कोलकाता जाने वाली ट्रेन को मुंबई पहुंचा दें तो आप को कैसा अनुभव होगा। डरिए नहीं वास्तविकता में ऐसी घटना अभी तक घटी नहीं है, लेकिन किसी भी दिन आपको ऐसी खबर मिल सकती है कि आप जिस ट्रेन में कोलकाता को मंजिल बनाकर चढ़े थे वह आपको लेकर मुंबई सेंट्रल पहुंच चुकी है।

रेलवे प्रशासन अपनी ड्यूटी जिस गंभीरता के साथ कर रहा है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि रेल यात्रा के समय अपने सामान के साथ—साथ ट्रेन के रूट की निगरानी भी आपको स्वयं ही करनी होगी। क्योंकि ऐसा पहली बार बीती रात यानी मंगलवार की रात हो चुका है। जहां मध्यप्रदेश के मुरैना से कोल्हापुर के लिए चली ट्रेन को गलत ट्रैक पर दौड़ा दिया। इस ट्रेन में करीब 2500 आंदोलनकारी किसान सवार थे जो दिल्ली में धरना देने के बाद कोल्हापुर वापस लौटने के लिए बुक करवाई गई थी।

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इस ट्रेन को मध्यप्रदेश के मुरैना से कोल्हापुर के बजाय दूसरे रूट पर दौड़ा दिया। जब ट्रेन गलत ट्रैक पर करीब 160 किलोमीटर दौड़ गई तो कुछ किसानों की नजर रास्ते में आने वाले स्टेशनों पर पड़ी। इसके बाद किसानों ने ट्रेन की चेन पुलिंग कर गार्ड और ट्रेन पर मौजूद स्टाफ से बात की। जिसके बाद ट्रेन को बानमोर स्टेशन पर रोककर रखा गया।

रेलवे के अधिकारियों ने यात्रियों के हंगामे के बाद अपनी गलती में सुधार करते हुए ट्रेन को बानमोर से ग्वालियर के रास्ते मथुरा के लिए रवाना कर दिया है। बताया जा रहा है कि ट्रेन मथुरा से वापस कोटा, सूरत, मुंबई होते हुए कोल्हापुर जाएगी। फिलहाल इस ट्रेन के गुरुवार की सुबह 6 बजे तक कोल्हापुर पहुंचने की संभावना है।

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आपको बता दें ट्रेन में सवार यात्री जंतर-मंतर पर आयोजित किसान यात्रा प्रोट्स्ट रैली कर महाराष्ट्र के कोल्हापुर जाने के लिए ट्रेन में बैठे थे। जहां रेल विभाग की लापरवाही के कारण उन्हे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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