लापरवाही: योगी सरकार ने किया 6 महीने पहले मर चुके PCS अधिकारी का तबादला

नीति आयोग ने थपथपाई योगी सरकार की पीठ

लखनऊ। सूबे में योगी सरकार आने के बाद से प्रशासनिक अधिकारियों की फेरबदल लगातार जारी है, लेकिन इसी फेरबदल के बीच एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक मृत पीसीएस अधिकारी का प्रमोशन करते हुए बुलंदशहर का नगर मजिस्ट्रेट बना दिया है। इससे बड़ी लापरवाही भला और क्या हो सकती है जब अधिकारियों को इतनी खबर नहीं है कि कौन सा कर्मचारी कार्यरत है या फिर वो हैं भी कि नहीं।




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बताते चले कि राज्य कार्मिक विभाग ने पिछली 28 मई को 222 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों का तबादला किया था, जिसमें वाराणसी के एसडीएम गिरीश कुमार का भी नाम था। विभाग ने उनका तबादला कर बुलंदशहर भेज दिया। हालांकि इस बात पर यहां किसी का ध्यान नहीं गया कि गिरीश कुमार की पिछले साल नवंबर में मौत हो चुकी है। ऐसे में कुमार जब नई तैनाती पर नहीं पहुंचे, तब उनके बारे में पता किया गया और यह चूक उजागर हुई।




आश्चर्य की बात यह भी है कि गिरीश की मौत के बाद उनके बेटे राहुल को मृतक आश्रित कोटे से वाराणसी जिला मुख्यालय पर रिकॉर्ड रूम में नौकरी भी दे दी गई। इस मामले के सामने के बाद राज्य सरकार ने गड़बड़ी का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए हैं और नियुक्ति विभाग के प्रमुख सचिव कामरान रिज़वी को इसका जिम्मा सौंपा है।

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