दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन की हड़ताल का बड़ा असर

Delhi NCR strike
दिल्ली-एनसीआर में ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन की हड़ताल का बड़ा असर

नई दिल्ली। भारत में नए मोटर व्हीकल एक्ट(New Motor Vehicle Act) लागू होने के बाद से लगातार हो रहे भारी-भरकम चालान को लेकर ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन आज सड़क पर उतर आया है। नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में सभी तरह की बसों, ऑटो, टैक्सियों और ऑटो रिक्शा को चलने नहीं दिया जा रहा है। बताया जाता है कि इस हड़ताल में 51 संगठन के कर्मचारी शामिल हुए हैं। हड़ताल के चलते दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

Transporters Association Strike In Delhi Ncr Has Major Impact :

दरअसल, संयुक्त मोर्चा ऑफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (यूएफटीए) के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों ने उन्हें हड़ताल बुलाने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा, हम पिछले 15 दिनों से केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों से नए एमवी एक्ट से संबंधित अपनी शिकायतों के निवारण की मांग कर रहे हैं लेकिन हमारी मांग का अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।

वहीं, स्ट्राइक का असर अब दिल्ली-एनसीआर के लोगों पर दिखने लगा है। लोगों को ऑफिस पहुंचने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।यात्रियों के अतिरिक्त भार के कारण डीटीसी बसों में सामान्य से अधिक भीड़ दिखाई दे रही। कुछ ऑटोरिक्शा में यात्रियों को सफर करते देखा जा रहा है। हालांकि ऑटोरिक्शा चालकों का कहना है कि हड़ताल कर रहे एसोसिएशन के लोग उन्हें बीच रास्ते में ही रोक ले रहे हैं और सवारी को उतारने का दबाव बना रहे हैं।

बता दें, हड़ताल की घोषणा के बाद दिल्ली-एनसीआर के कई स्कूलों ने छुट्टी कर दी है। स्कूल बस नहीं चलने के चलते ज्यादातर स्कूलों ने सातवीं क्लास तक की छुट्टी करने का निर्णय लिया है। वहीं कुछ स्कूलों ने सभी क्लास नहीं लगाने का फैसला किया है। इस संबंध में स्कूलों ने अभिभावकों को नोटिस भेजकर सूचित किया है। दिल्ली के अलावा एनसीआर में आने वाले- गाजियाबाद, गुरुग्राम (गुड़गांव) और नोएडा के स्कूलों ने भी छुट्टी की घोषणा कर दी है।

इतना ही नहीं इस संबंध में दिल्ली ऑटो टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा कि हम कोई भी पीली प्लेट वाली गाड़ी सड़कों पर नहीं चलने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई काफी बढ़ गई है और ऐसे में जुर्माने की भारी भरकम राशि देना बस की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है इस नए मोटर व्हीकल एक्ट को वापस लिया जाए और एमसीडी की तरफ से जो आर एफ टैक्स वसूला जा रहा है उसे वापस लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो आगे आंदोलन बड़ा होगा।

नई दिल्ली। भारत में नए मोटर व्हीकल एक्ट(New Motor Vehicle Act) लागू होने के बाद से लगातार हो रहे भारी-भरकम चालान को लेकर ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन आज सड़क पर उतर आया है। नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में सभी तरह की बसों, ऑटो, टैक्सियों और ऑटो रिक्शा को चलने नहीं दिया जा रहा है। बताया जाता है कि इस हड़ताल में 51 संगठन के कर्मचारी शामिल हुए हैं। हड़ताल के चलते दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर स्कूलों को बंद कर दिया गया है। दरअसल, संयुक्त मोर्चा ऑफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (यूएफटीए) के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों ने उन्हें हड़ताल बुलाने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा, हम पिछले 15 दिनों से केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों से नए एमवी एक्ट से संबंधित अपनी शिकायतों के निवारण की मांग कर रहे हैं लेकिन हमारी मांग का अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। वहीं, स्ट्राइक का असर अब दिल्ली-एनसीआर के लोगों पर दिखने लगा है। लोगों को ऑफिस पहुंचने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।यात्रियों के अतिरिक्त भार के कारण डीटीसी बसों में सामान्य से अधिक भीड़ दिखाई दे रही। कुछ ऑटोरिक्शा में यात्रियों को सफर करते देखा जा रहा है। हालांकि ऑटोरिक्शा चालकों का कहना है कि हड़ताल कर रहे एसोसिएशन के लोग उन्हें बीच रास्ते में ही रोक ले रहे हैं और सवारी को उतारने का दबाव बना रहे हैं। बता दें, हड़ताल की घोषणा के बाद दिल्ली-एनसीआर के कई स्कूलों ने छुट्टी कर दी है। स्कूल बस नहीं चलने के चलते ज्यादातर स्कूलों ने सातवीं क्लास तक की छुट्टी करने का निर्णय लिया है। वहीं कुछ स्कूलों ने सभी क्लास नहीं लगाने का फैसला किया है। इस संबंध में स्कूलों ने अभिभावकों को नोटिस भेजकर सूचित किया है। दिल्ली के अलावा एनसीआर में आने वाले- गाजियाबाद, गुरुग्राम (गुड़गांव) और नोएडा के स्कूलों ने भी छुट्टी की घोषणा कर दी है। इतना ही नहीं इस संबंध में दिल्ली ऑटो टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा कि हम कोई भी पीली प्लेट वाली गाड़ी सड़कों पर नहीं चलने दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई काफी बढ़ गई है और ऐसे में जुर्माने की भारी भरकम राशि देना बस की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है इस नए मोटर व्हीकल एक्ट को वापस लिया जाए और एमसीडी की तरफ से जो आर एफ टैक्स वसूला जा रहा है उसे वापस लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो आगे आंदोलन बड़ा होगा।