आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ सुनवाई जारी

इलाहाबाद: बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में वाराणसी की विशेष अदालत में पेश चार्जशीट की वैधता की सुनवाई जारी है। सुनवाई 20 सितम्बर को भी होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल तथा न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा की खण्डपीठ याचिका की सुनवाई कर रही है। याचिका पर अधिवक्ताओं की बहस जारी है। याची का कहना है कि चार्जशीट दाखिल करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति नहीं ली गयी है। विजिलेंस ने विधिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया है।




तीन खंडपीठों से रिलीज होने के बाद याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। मामले के तथ्यों के अनुसार राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ इलाहाबाद के मुटठीगंज थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। इस एफआईआर की जांच विजिलेंस ने की और विवेचना के चार्जशीट दाखिल कर दी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की वाराणसी स्थित विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जिसके विरुद्ध राकेशधर राकेशधर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने और भ्रष्टाचार का मुकदमा वर्ष 2013 में इलाहाबाद के मुट्ठीगंज थाने में दर्ज कराया गया था।

सतर्कता विभाग ने इसकी विवेचना की और राकेशधर को आय से अधिक संपत्ति का दोषी पाया। बाद में सतर्कता विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। स्पेशल कोर्ट ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए राकेशधर को सम्मन जारी और उनके न आने पर पिछले माह उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। याचिका में कहा गया कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई राजनीतिक विद्वेषवश की जा रही है। साथ ही अभियोजन स्वीकृति से पूर्व उन्हें सुनवाई का मौका नहीं दिया गया।