सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी नहीं माने मियां, बेगम को दे डाला तलाक

मेरठ। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक जैसी कुप्रथा को असंवैधानिक करार देते हुए इसे खत्म करने का आदेश भले ही दे दिया लेकिन जमीनी तौर पर इस आदेश का पालन होगा या नहीं इस बात की चिंता सबके जेहन में है। चिंता कितनी जायज है इसका अंदाज़ा हम यूपी के मेरठ की इस घटना से लगा सकते है जहां एक युवक ने अपनी प्रेग्नेंट बीवी को तलाक, तलाक, तलाक बोलकर अपने जीवन से बाहर कर दिया। घटना बुधवार की बताई जा रही है। गौरतलब है कि मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को रद्द करते हुए उसे असंवैधानिक करार दिया था।

पत्नी के मुताबिक पति पहले से ही उसे दहेज के लिए परेशान करता था। घर में आए दिन इसी बात को लेकर कलह किया करता था। तलाक की धमकी बहुत दिनों से दिया करता था ऐसे में जब सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया तो वो उससे बौखला गया जिसके बाद उसने घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

{ यह भी पढ़ें:- योगी सरकार की कैबिनेट बैठक आज, शिक्षामित्रों के हित में आ सकता है बड़ा फैसला }

पुलिस की माने तो पीड़िता की ओर से दहेज के लिए प्रताड़ित कर घर से निकालने, मारपीट के कारण गर्भपात होने और तीन तलाक देने की शिकायत मिलने के बाद सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस ने बताया कि मेरठ के कमरा नवाबान मोहल्ला निवासी साबरीन ने छह साल पहले अपनी बेटी अर्शिनिदा का निकाह मोहल्ले के ही सिराज खान के साथ किया था। निकाह के बाद से ही अर्शिनिदा के ससुराल वाले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। इस बीच उसने तीन बच्चों जुबेर (4) जैनब (3) और रहमत (1) को जन्म दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ससुराल वालों ने दहेज में सेंट्रो कार और एक लाख रुपये नकद की मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया। मारपीट के कारण उसका गर्भपात हो गया।

इस मामले को लेकर मंगलवार को दोनों परिवारों के बीच बातचीत हो रही थी। इसी दौरान अर्शिनिदा के पति सिराज खान ने तलाक… तलाक… तलाक बोल कर उसके साथ रिश्ता खत्म कर लिया। जब लोगों ने उसे न्यायालय के फैसले का हवाला दिया तो उसने इसे मानने से साफ इनकार कर दिया। पीड़िता से मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी सिराज खां, ससुर रियाज खां, सास मोइना, ननद जीनत, दरक्षा व रिजवाना और चाचा ससुर सलीम के खिलाफ धारा 498 ए, 322, 504, 506, 316 और 3/4 दहेज अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह राठौर का कहना है कि चूंकि अभी तीन तलाक को लेकर कानून की कोई धारा नहीं है। इसलिए इसको दहेज उत्पीड़न ही माना गया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की ‌गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।

{ यह भी पढ़ें:- सहारा को SC का झटका, नीलाम होगी एम्बी वैली सिटी }