लखनऊ यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा तीन तलाक, इसी सत्र से हो सकता है शुरू

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लखनऊ। तीन तलाक को लेकर देशभर में छिड़ी बहस के बीच लखनऊ यूनिवर्सिटी में अब इसे कोर्स में शामिल किया गया है। समाजशास्त्र विषय में तीन तलाक के बारे में पढ़ाया जायेगा। इस विषय के जरिए बताया जायेगा कि तीन तालक से परिवारों पर क्या असर पढ़ता है। इसी सत्र से इस विषय को पढ़ाया जा सकता है।

Triple Talaq To Be Added In The Lucknow University Syllabus :

विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट बीआर साहू का मानना है कि तीन तलाक के बारे में आने वाले विद्यार्थियों को जानना चाहिए। तीन तलाक की सामाजिक कुरीतियों और समाज में व्यवस्था तथा इस कानून के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। जिसके लिए खाका तैयार कर यूनिवर्सिटी कमेटी से पास होकर एजुकेशन काउंसिल को भेजा जा चुका है् जो इसी सत्र से शुरू किया जा सकेगा।

गौरतलब है कि , लखनऊ यूनिवर्सिटी ने अपने समाजशात्र विभाग में एक सेलबस में जगह दी है जिसे एमए के विद्यार्थी पढ़ सकेंगे। साहू ने बताया कि ऐसा पहली बार नहीं है जब भी समाज से जुडा हुआ कोई भी विषय होता है उसे शामिल किया जाता है।

इससे पहले भी लिव इन रिलेशनशिप के विषय को शामिल किया गया था और अब जब सरकार ने ट्रिपल तलाक को क़ानूनी जामा पहना दिया है तो इसे भी समाजशात्र के विषय में एक नए चैप्टर के रूप में शामिल किया गया। अब लखनऊ यूनिवर्सिटी में एक विषय के रूप में शुरू होने जा रहा है।

इसके लिए विभाग ने एजुकेशन काउंसिल में प्रस्ताव भेजा है जो संभवत इस वर्ष से शुरू किया जा सकेगा। जानकारी के मुताबिक लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में अभी तक तीन तलाक या उससे संबंधित विषय के बारे में नहीं पढ़ाया जाता था लेकिन यह विषय क़ानूनी स्वरूप में आते ही अब शिक्षा के क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है।

लखनऊ। तीन तलाक को लेकर देशभर में छिड़ी बहस के बीच लखनऊ यूनिवर्सिटी में अब इसे कोर्स में शामिल किया गया है। समाजशास्त्र विषय में तीन तलाक के बारे में पढ़ाया जायेगा। इस विषय के जरिए बताया जायेगा कि तीन तालक से परिवारों पर क्या असर पढ़ता है। इसी सत्र से इस विषय को पढ़ाया जा सकता है। विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट बीआर साहू का मानना है कि तीन तलाक के बारे में आने वाले विद्यार्थियों को जानना चाहिए। तीन तलाक की सामाजिक कुरीतियों और समाज में व्यवस्था तथा इस कानून के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। जिसके लिए खाका तैयार कर यूनिवर्सिटी कमेटी से पास होकर एजुकेशन काउंसिल को भेजा जा चुका है् जो इसी सत्र से शुरू किया जा सकेगा। गौरतलब है कि , लखनऊ यूनिवर्सिटी ने अपने समाजशात्र विभाग में एक सेलबस में जगह दी है जिसे एमए के विद्यार्थी पढ़ सकेंगे। साहू ने बताया कि ऐसा पहली बार नहीं है जब भी समाज से जुडा हुआ कोई भी विषय होता है उसे शामिल किया जाता है। इससे पहले भी लिव इन रिलेशनशिप के विषय को शामिल किया गया था और अब जब सरकार ने ट्रिपल तलाक को क़ानूनी जामा पहना दिया है तो इसे भी समाजशात्र के विषय में एक नए चैप्टर के रूप में शामिल किया गया। अब लखनऊ यूनिवर्सिटी में एक विषय के रूप में शुरू होने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने एजुकेशन काउंसिल में प्रस्ताव भेजा है जो संभवत इस वर्ष से शुरू किया जा सकेगा। जानकारी के मुताबिक लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में अभी तक तीन तलाक या उससे संबंधित विषय के बारे में नहीं पढ़ाया जाता था लेकिन यह विषय क़ानूनी स्वरूप में आते ही अब शिक्षा के क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है।