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133 गांवों में तीन महीने से पैदा हुए 218 बच्चे, पर एक भी बेटी नहीं

By रवि तिवारी 
Updated Date

Trivendra Singh Rawat Uttarakhand Uttarkashi Kanya Bhrun Hatya

नई दिल्ली। उत्तराखंड के उत्तरकाशी से एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है.उत्तरकाशी के 133 गांवों में पिछले तीन महीनों में 216 बच्चों का जन्म हुआ है, लेकिन इनमें एक भी बच्ची नहीं है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की पोल खोलते ये आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के हैं और दर्शाते हैं कि इस ज़िले में भ्रूण हत्या कितनी फल फूल रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले के जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट से हुआ खुलासा

जिला प्रशासन ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट सामने आई। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग सभी जिलों के हर गांव में होने वाले संस्थागत और घरेलू प्रसवों का ब्यौरा तैयार करता है। बीते अप्रैल से जून के बीच उत्तरकाशी जिले के विभिन्न गांवों में हुए प्रसव की रिपोर्ट सामने आई तो अधिकारी हैरत में पड़ गए क्योंकि यहां एक भी बेटी का जन्म नहीं हुआ था।

जिले के विभिन्न ब्लॉकों में पिछले तीन महीने में पैदा हुए बच्चे

उत्तरकाशी जिले के डुंडा ब्लॉक के 27 गांव में 51 बच्चों ने जन्म लिया जिनमें सभी लड़के हैं। भटवारी ब्लॉक के 27 गांव में 49 बच्चों ने जन्म लिया और उनमें भी सभी लड़के हैं। नौगांव ब्लॉक के 28 गांव में 45 बच्चों ने जन्म लिया और यहां भी सभी लड़के हैं। मोरी ब्लॉक के 20 गांव में 29 बच्चों ने जन्म लिया और ये भी सभी लड़के पैदा हुए हैं। इसी तरह अन्य ब्लॉकों में चिन्यालीसौड़ के 16 गांव में 23 बच्चे पैदा हुए और पुरोला ब्लॉक के 14 गांव में 17 बच्चे पैदा हुए जो कि सभी लड़के हैं।

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कन्या भ्रूण हत्या का जताया जा रहा शक

बता दें कि स्वास्थ विभाग के जरिए जारी किए आंकड़ों के मुताबिक उत्तरकाशी में पिछले तीन महीने के दौरान 133 गांव में करीब 218 बच्चों ने जन्म लिया है। सभी लड़के हैं और इनमें कोई भी बेटी पैदा नहीं होने के कारण कन्या भ्रूण हत्या का शक जताया जा रहा है। सरकारी रिपोर्ट में ही बिगड़ते लिंगानुपात की यह स्थिति सामने आने से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

सीएम ने दिए जांच के आदेश

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जांच के आदेश दिए हैं। सरकारी आंकड़ों में इस भयावह स्थिति का खुलासा होने पर हरकत में आए सीएम सिंह रावत ने भी माना कि इस मामले की गहनता से जांच की जाएगी और यह भी आश्वसन दिया कि अगर इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या आपराधिक गतिविधि पाई जाती है तो आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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