500 और 1000 रूपए के नोटों ने बढ़ाई मुश्किल, सोना चकमा

Trouble For Many As 500 And 1000 Currency Gets Ineffective Gold Rates Hiked

नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को 500 और 1000 रूपए के नोटों की प्रमाणिकता को रद्द किए जाने की घोषणा के बाद पूरे देशभर में लोगों को नगदी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लोगों की जेबों में पहले से मौजूद 500 और 1000 रूपए के नोट रद्दी हो जाने की खबर आम होने के साथ ही बाजार में लोगों ने जहां नोट लेने बंद कर दिए वहीं दूसरी ओर आम लोगों में भविष्य की परेशानियों से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा खरीददारी करने की कोशिश की। जिससे बाजार से फुटकर पैसों की समस्या ने सिर उठा लिया है। 9 नवंबर यानी बुधवार का दिन आम लोगों के लिए थोड़ा परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ​जो 10 नवंबर को बैंकों के ​खुलने तक एक हद तक कम हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर बड़ी करेंसी के रद्दी होने के साथ सर्राफा बाजार में तेजी देखने को मिली है। 8 अक्टूबर की रात से ही सोने की मांग में बढ़ोत्तरी को देखते हुए 9 नवंबर की सुबह बाजार खुलने के साथ ही सोने के दामों में 4000 रूपए प्रति 10 ग्राम तक की उछाल देखने को मिली है।




जानकारों की माने तो 500 और 1000 रूपए के नोटों की प्रमाणिकता को खत्म किए जाने से 24 घंटों तक लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है। लेकिन बैंक खुलने के साथ ही लोगों की समस्या हल होने लगेगी। जैसे ही नई करेंसी प्रचलन में आएगी लोगों में जागरूकता आने के साथ ही छोटो नोटों का प्रवाह भी बाजार में तेजी बढ़ जाएगा। अर्थशास्त्र के जानकारों की माने तो यह बदलाव आम आदमी के लिए थोड़ा कष्टदायी भले ही हो लेकिन आने वाले समय में इसके लाभ देखने को मिलेंगे। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं हैं बाजार में भले ही उनके 500 और 1000 के नोटों को स्वीकार न किया जाए लेकिन बैंक खुलने के साथ ही लोग इन नोटों को अपने खातों में जमा करवाकर नई करेंसी नगद निकासी के जरिए प्राप्त कर सकते हैं। बैंक खुलने के साथ ही दो से तीन दिनों के भीतर वर्तमान में मौजूद करेंसी की समस्या से निजात मिल जाएगा। आने वाले 15 दिनों के भीतर कुछ हजार में होने वाली नगद लेने देन की व्यवस्था पटरी पर लौटना शुरू हो जाएगी। लेकिन लाखों में होने वाले हस्तांतरण के लिए लोगों को चैक या आॅनलाइन ट्रांसफर करना होगा।




वहीं सर्राफा बाजार मे आई उछाल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आए उछाल से ज्यादा भारत में 500 और 1000 रूपए की करेंसी पर लगी रोक को कारण के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि बड़े स्तर पर नगदी रखने वाले लोगों ने असुरक्षा की भावना के चलते सोना खरीदा है जिससे अचानक बढ़ी मांग ने सोने के दाम 4000 रूपए प्रति 10 ग्राम बढ़ा दिए हैं। यह उछाल स्थाई नहीं है सरकार द्वारा बनाए गए नए कानूनों के तहत एक सीमा से ज्यादा सोने की खरीद संभव नहीं है।

नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को 500 और 1000 रूपए के नोटों की प्रमाणिकता को रद्द किए जाने की घोषणा के बाद पूरे देशभर में लोगों को नगदी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लोगों की जेबों में पहले से मौजूद 500 और 1000 रूपए के नोट रद्दी हो जाने की खबर आम होने के साथ ही बाजार में लोगों ने जहां नोट लेने बंद कर दिए वहीं दूसरी ओर आम लोगों में भविष्य की परेशानियों…