ट्रकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से माल ढुलाई प्रभावित, करोड़ों का नुकसान

नई दिल्ली। टोल व्यवस्था के विरुद्ध अखिल भारतीय वाहन परिचालक संघ (एआईएमटीसी) द्वारा घोषित अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को लाखों ट्रक बंद रहने से देशभर में माल ढुलाई प्रभावित हुई। हड़ताल से हालांकि दूध, सब्जी और दवाओं जैसे आवश्यक वस्तुओं के परिवहन को बाहर रखा गया है।

एआईएमटीसी टोल वसूली की व्यवस्था खत्म किए जाने की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि टोल-नाके भ्रष्टाचार, उत्पीड़न और जबरन वसूली का अड्डा हैं। टोल व्यवस्था से यातायात अवरुद्ध होता है और उससे समय और ईंधन की बर्बादी होती है। संघ नेताओं का यह भी कहना है कि वसूली की रकम सरकार को कम, नेताओं की जेब में ज्यादा जाती है।

सरकार ने हालांकि टोल वसूली खत्म करने से इनकार किया है। संघ करों की एकमुश्त अदायगी और स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) व्यवस्था को सरल बनाए जाने की भी मांग कर रहा है।

जानकारों के मुताबिक हड़ताल से व्यापारियों, वाहन परिचालकों और सरकार को अरबों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। एआईएमटीसी अध्यक्ष भीम वधवा ने कहा, “हड़ताल से ट्रक परिचालकों को 1,500 करोड़ रुपये और सरकार को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का रोज नुकसान होगा।”

एआईएमटीसी का दावा है कि वह देश के करीब 87 लाख ट्रकों और अैर 20 लाख बसों तथा टेम्पुओं का प्रतिनिधित्व करता है। ट्रक परिचालकों का एक अन्य संघ ‘ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन’ (एआईटीडब्ल्यूए) हड़ताल में शामिल नहीं हुआ है।

दिसंबर तक इलेक्ट्रॉनिक टोल लागू करने के सरकार के प्रस्ताव को परिचालक संघ द्वारा खारिज कर दिए जाने के बाद संघ और परिवहन मंत्रालय की वार्ता असफल हो गई।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में करीब 16 लाख ट्रकों का परिचालन ठप्प रहा, जिसके कारण हैदराबाद, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, गुंटूर तथा अन्य बड़े शहरों में माल ढुलाई प्रभावित हुई।