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पत्रकारों पर भड़के ट्रंप बोले- चीन से सवाल करो, गुस्से में छोड़ कर चले गए प्रेस कांफ्रेंस

Trump Agitated At Journalists Question China Left The Press Conference In Anger

By रवि तिवारी 
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अमेरिकी (US) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक बार फिर व्हाइट हाउस (White House) में रोज़ होने वाली प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक पत्रकार से उलझ गए. अमेरिका में कोरोना संक्रमण से रोजाना हो रही हजारों मौतों से जुड़े एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि ये सब आपको चीन (China) से जाकर पूछना चाहिए. ट्रंप इसके बाद काफी गुस्से में नज़र आए और प्रेस कांफ्रेस बीच में ही छोड़ कर चले गए.

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बता दें कि ये सावला करने वालीं पत्रकार एशियाई मूल की थीं. ट्रंप के चीन से सवाल पूछने के जवाब के बाद इस पत्रकार ने ट्रंप ने फिर पूछ लिया कि क्या वे उनके एशियाई होने की वजह से ऐसा कह रहे हैं? इस पर ट्रंप गुस्से में प्रेस कांफ्रेंस छोड़कर चले गए. प्रेस वार्ता के दौरान एशियाई अमेरिकी पत्रकार जियांग ने ट्रंप से सवाल किया था कि वे कोरोनो वायरस की वैक्सीन बनाने में सहयोग को वैश्विक प्रतियोगिता के रूप में क्यों देखते हैं, जबकि इससे अब तक 80,000 से अधिक अमेरिकियों की मौत हो गई है?

ट्रंप बोले- आप चीन से क्यों नहीं पूछती

जियांग के सावला पट ट्रंप भड़क गए और कहा कि मुझ से मत पूछें, चीन से सवाल पूछें, ठीक है? इसके बाद ट्रंप ने सवाल को टालना चाहा लेकिन जियांग ने पूछ लिया कि उनके इस जवाब की वजह उनका एशियाई होना तो नहीं है? इसके जवाब में ट्रंप ने कहा कि मैं आपको बता रहा हूं, मैं इसे विशेष रूप से किसी के लिए नहीं कह रहा हूं. यह जवाब उन सभी के लिए है जो मुझसे बुरा सवाल पूछते हैं. इस पर जियांग ने कहा कि यह एक बुरा सवाल नहीं है. फिर ट्रंप बोले, ‘इससे क्या फर्क पड़ता है?’ इसके बाद ट्रंप ने किसी के सवाल का जवाब नहीं दिया और प्रेस कांफ्रेंस को अधूरा छोड़कर चले गए.

सेकेंड वेव से घबाराए दुनिया के नेता

उधर ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों को कोरोना वायरस प्रकोप के जल्द फिर से लौटने की आशंका है लेकिन उन्होंने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा है. व्हाइट हाउस के भीतर महामारी की चुनौतियां अब भी देखने को मिल रही हैं जहां उपराष्ट्रपति माइक पेंस अपने एक सहयोगी के संक्रमित पाए जाने के बाद भी व्हाइट हाउस में बिना मास्क लगाए नज़र आए. पूरी दुनिया में वायरस के प्रकोप के बीच संतुलन बिठाने की कोशिश की जा रही है जहां वैश्विक नेता लॉकडाउन में छूट देने के साथ ही संक्रमण के दूसरे दौर के प्रति भी आगाह कर रहे हैं.

राजकोषीय मंत्री स्टीवन मनूशिन ने अनुमान जताया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था दूसरी छमाही में बेरोजगारी दर को कम कर मंदी से उबर जाएगी. पिछले हफ्ते और 32 लाख लोगों ने बेरोजगारी भत्तों के लिए आवेदन किया था जिससे पिछले सात हफ्तों में ऐसे लोगों की कुल संख्या 3.35 करोड़ हो गई है. मनूशिन ने कहा, ‘मेरे विचार उछाल देखने को मिल सकता है.’ लेकिन व्हाइट हाउस समर्थित कोरोना वायरस प्रतिमान तैयार करने वाले वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के एक संस्थान के निदेशक ने कहा है कि कारोबारों को फिर से खोलने की कार्रवाई के 10 दिनों के भीतर ज्यादा मौतें और मामले सामने आ सकते हैं.’

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कैलिफोर्निया, एरिजोना में बढ़ रहे मामले

इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मीट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन के डॉ क्रिस्टोफर मुर्रे ने कह कि जहां मामले और मौत अनुमान से ज्यादा हो रहे हैं उनमें इलिनोइस, एरिजोना और कैलिफोर्निया शामिल हैं. जोखिम अब भी खत्म नहीं हुआ है, इसकी याद दिलाते हुए पेंस ने यह कदम तब उठाया है जब व्हाइट हाउस के कोरोना वायरस कार्यबल के तीन सदस्य संक्रमित सहयोगी के साथ संपर्क में आने के बाद पृथक-वास में चले गए थे.

उधर ब्रिटेन में, प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने देश में कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडाउन को धीरे-धीरे खोलने की घोषणा की है लेकिन नागरिकों से अब तक हुई प्रगति पर पानी नहीं फेरने की अपील भी की है. उन्होंने कहा कि जो ऐसी नौकरी में हैं जो घर से नहीं की जा सकती उन्हें इस हफ्ते से ‘काम पर लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.’ खुद भी कोरोना वायरस संक्रमण का शिकार हुए जॉनसन ने इस वायरस के प्रति सख्त रुख अपनाया था और अब उन्होंने कहा कि अगर ब्रिटेन नये संक्रमण को नियंत्रित कर पाएगा तो वह एक जून से स्कूल एवं दुकानों को खोल सकते हैं.  

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