कुर्दों पर तुर्की हमले के विरोध में बोले ट्रम्प, कहा उनकी इकोनॉमी बर्बाद कर देंगे

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कुर्दों पर तुर्की हमले के विरोध में बोले ट्रम्प, कहा उनकी इकोनॉमी बर्बाद कर देंगे

नई दिल्ली। सीरिया में कुर्दों पर तुर्की के हवाई हमलों में अब तक 104 कुर्द सैनिक और 60 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक सीरिया में इस हिंसा की वजह से 1,30,000 लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है। बीते 9 अक्टूबर से जारी हमलों से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। तुर्की की तानाशाही के खिलाफ अमेरिका ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को ट्रेजरी और विदेश विभाग से कहा है कि सीरिया में अशांति फैलाने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और तुर्की सरकार के सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाया जाए। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका तुर्की के साथ 100 बिलियन डॉलर (करीब 7 लाख करोड़ रु.) के व्यापार सौदे की बातचीत को तुरंत रोक देगा। साथ ही स्टील टैरिफ को 50% तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह तुर्की की अर्थव्यवस्था को तेजी से नष्ट कर देगा।

Trump Said In Protest Against Turkish Attack On Kurds Will Ruin Their Economy :

ट्रम्प ने कहा कि हमारे प्रशासन ने कार्यकाल के पहले दिन से ही अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई प्रयास किए हैं। तुर्की को पूर्वोत्तर सीरिया में नागरिकों, विशेष रूप से कमजोर जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने एक बयान में कहा कि तुर्की के तीन अधिकारियों को प्रतिबंधित किए जाने के लिए नामित किया गया है। इसमें ऊर्जा और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हैं। अमेरिका ने यह कदम पूर्वोत्तर सीरिया में तुर्की की सैन्य कार्रवाई के जवाब में उठाया है। यदि तुर्की ऐसे ही हमला करता रहा तो संभावित रूप से इसके विनाशकारी परिणाम होंगे, जो मानवीय संकट को बढ़ा देगा। तुर्की की सैन्य कार्रवाइयों के कारण आईएस को खत्म किए जाने वाले अभियान, नागरिकों और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में है।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने सीरिया में तुर्की के अभियान को क्रोध में उठाया गया कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी समूहों को हराने के प्रयासों को धक्का लगा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा उत्तरी सीरिया से अमेरिकी सेना की वापसी जारी है। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विरोध और बार-बार चेतावनी के बावजूद, तुर्की के राष्ट्रपति रीसेप तैयप अर्दोआन ने उत्तरी सीरिया पर एकतरफा हमले का आदेश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तुर्की के इस कदम से क्षेत्र में यह अमेरिकी सैनिकों काे बड़े संघर्ष की ओर बढ़ने का खतरा है।

सीरिया में रहते हैं 35 लाख कुर्द

कुर्द इराक, सीरिया, तुर्की, ईरान और अर्मेनिया के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं। इनकी कुल आबादी करीब 3.5 करोड़ है। अकेले सीरिया में 35 लाख कुर्द हैं। कुर्दों का अपना अलग देश नहीं है। पर वे आजादी के लिए मुहिम चला रहे हैं। आजादी की मुहिम के कारण कुर्दों का तुर्की, इराक, सीरिया और ईरान की सरकारों से अच्छे संबंध नहीं हैं।
कुर्द लड़ाकू अपने कब्जे वाली सात जेलों में बंद 12 हजार आईएस आतंकियों, उनके परिजन की निगरानी करते हैं।

नई दिल्ली। सीरिया में कुर्दों पर तुर्की के हवाई हमलों में अब तक 104 कुर्द सैनिक और 60 से ज्यादा नागरिक मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक सीरिया में इस हिंसा की वजह से 1,30,000 लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है। बीते 9 अक्टूबर से जारी हमलों से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। तुर्की की तानाशाही के खिलाफ अमेरिका ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को ट्रेजरी और विदेश विभाग से कहा है कि सीरिया में अशांति फैलाने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और तुर्की सरकार के सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाया जाए। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका तुर्की के साथ 100 बिलियन डॉलर (करीब 7 लाख करोड़ रु.) के व्यापार सौदे की बातचीत को तुरंत रोक देगा। साथ ही स्टील टैरिफ को 50% तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह तुर्की की अर्थव्यवस्था को तेजी से नष्ट कर देगा। ट्रम्प ने कहा कि हमारे प्रशासन ने कार्यकाल के पहले दिन से ही अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई प्रयास किए हैं। तुर्की को पूर्वोत्तर सीरिया में नागरिकों, विशेष रूप से कमजोर जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने एक बयान में कहा कि तुर्की के तीन अधिकारियों को प्रतिबंधित किए जाने के लिए नामित किया गया है। इसमें ऊर्जा और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हैं। अमेरिका ने यह कदम पूर्वोत्तर सीरिया में तुर्की की सैन्य कार्रवाई के जवाब में उठाया है। यदि तुर्की ऐसे ही हमला करता रहा तो संभावित रूप से इसके विनाशकारी परिणाम होंगे, जो मानवीय संकट को बढ़ा देगा। तुर्की की सैन्य कार्रवाइयों के कारण आईएस को खत्म किए जाने वाले अभियान, नागरिकों और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने सीरिया में तुर्की के अभियान को क्रोध में उठाया गया कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी समूहों को हराने के प्रयासों को धक्का लगा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा उत्तरी सीरिया से अमेरिकी सेना की वापसी जारी है। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विरोध और बार-बार चेतावनी के बावजूद, तुर्की के राष्ट्रपति रीसेप तैयप अर्दोआन ने उत्तरी सीरिया पर एकतरफा हमले का आदेश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तुर्की के इस कदम से क्षेत्र में यह अमेरिकी सैनिकों काे बड़े संघर्ष की ओर बढ़ने का खतरा है।

सीरिया में रहते हैं 35 लाख कुर्द

कुर्द इराक, सीरिया, तुर्की, ईरान और अर्मेनिया के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं। इनकी कुल आबादी करीब 3.5 करोड़ है। अकेले सीरिया में 35 लाख कुर्द हैं। कुर्दों का अपना अलग देश नहीं है। पर वे आजादी के लिए मुहिम चला रहे हैं। आजादी की मुहिम के कारण कुर्दों का तुर्की, इराक, सीरिया और ईरान की सरकारों से अच्छे संबंध नहीं हैं। कुर्द लड़ाकू अपने कब्जे वाली सात जेलों में बंद 12 हजार आईएस आतंकियों, उनके परिजन की निगरानी करते हैं।