योगी सरकार के सौ दिन का सच : जल सम्पूर्ति मंत्री को नहीं मालूम विभाग करे क्या

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार इन दिनों अपने सौ दिन पूरे करने का जश्न मना रही है। सरकार अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट है और अपनी खुशी में तमाम खबरिया चैनलों पर विज्ञापन चलवा रही है। इस बीच योगी सरकार के जल सम्पूर्ति मंत्री उपेन्द्र तिवारी इस बात को लेकर परेशान है कि उन्हें सौंपा गया विभाग करता क्या है?

मिली जानकारी के मुताबिक राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार, उपेन्द्र तिवारी को विधानसभा में आॅफिस मिल गया है, लेकिन उनके विभाग के पास न तो प्र​मुख सचिव है और न ही कोई सचिव। उन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं है कि उन्हें सौंपे गए इस विभाग में काम क्या होता है या फिर उनके विभाग के अधिकारी कौन है? इस पशोपेश में फंसे मंत्री जी मुख्य सचिव को भी पत्र लिख चुके हैं, लेकिन सौ दिनों जश्न की व्यस्तता से निपटते ही पूर्व मुख्य सचिव राहुल भटनागर की तो छुट्टी हो गई और उनकी जगह आए राजीव कुमार को काम को पूरी तरह से संभालने में शायद कुछ समय लगेगा।

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जानकारों की माने तो यह विभाग पिछली कई सरकारों से नगर विकास विभाग के ही अंतर्गत आता रहा था। नगर विकास के अंतर्गत आने वाला जल निगम और उसकी निर्माण इकाई ही पेय जल और जल आपूर्ति संबन्धित परियोजनाओं का संचालन करती आ रहे हैं। योगी सरकार में जलसंपूर्ति विभाग को एक अलग विभाग बना दिया है, इसलिए विभाग की जिम्मेदारियों को लेकर संदेह की स्थिति बनी हो सकती है। इसके लिए विभाग को नगर विकास से अलग करना पड़ेगा। वास्तविक स्थिति शासन स्तर पर ही स्पष्ट हो सकती है।

मुनेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट

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