तुर्की ने अमेरिका को चेताया, कहा- प्रतिबंध बढ़ाए तो देश में मौजूद अमेरिकी बेस होंगे बंद

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नई दिल्ली। अमेरिका (America) की ओर से लगाए गए कड़े प्रतिबंधों पर तुर्की (Turkey) ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन ने रविवार को कहा कि अब अगर अमेरिका तुर्की पर और प्रतिबंध लगाता है, तो वे देश में मौजूद अमेरिका के इनसर्लिक एयरबेस को बंद कर सकते हैं। अर्दोआन ने धमकी दी कि उनके पास इनसर्लिक के अलावा मलाक्या प्रांत के अदाना में मौजूद कुरेसिच रडार स्टेशन को भी बंद करने का विकल्प है। कुरेसिच बेस में अमेरिकी सेना के अहम रडार लगे हैं। यह रडार अमेरिका और नाटो संगठन के देशों को मिसाइल लॉन्च की जानकारी देते हैं।

Turkey Warns America Says If The Restrictions Are Increased The American Bases Present In The Country Will Be Closed :

अमेरिकी सीनेट ने बुधवार को ही तुर्की पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया। तुर्की ने पिछले साल रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। अमेरिका इसी से नाराज है। ट्रम्प प्रशासन पहले ही तुर्की से एफ-35 फाइटर जेट की डील रद्द कर चुका है। उसके अलावा नाटो देशों ने भी एस-400 की खरीद को लेकर तुर्की से दूरी बनाई है।

अमेरिकी संसद में अर्मेनिया नरसंहार पर बिल पास, इसको लेकर भी तुर्की नाराज

अमेरिकी संसद के उच्च सदन (सीनेट) ने हाल ही में 100 साल पहले हुए अर्मेनियन नरसंहार पर प्रस्ताव पारित कर इसकी निंदा की थी। अर्मेनियन नरसंहार 24 अप्रैल 1915 से शुरू हुआ, जब ऑटोमान (मौजूदा तुर्की) सरकार ने यहां करीब 15 लाख अल्पसंख्यकों की क्रूर हत्याएं करवाईं। इसे जर्मनी में नाजियों की हत्या के बाद दुनिया का सबसे दूसरा सबसे बड़ा नरसंहार माना जाता है। अमेरिकी सीनेट ने इसे नरसंहार के बजाय अर्मेनियाई नागरिकों का सामूहिक हत्याकांड बताया है। तुर्की ने इस प्रस्ताव की निंदा करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ सकते हैं। अमेरिका इतिहास को अलग तरह से पेश करने की कोशिश कर रहा है।

राष्ट्रपति ट्रम्प कई बार तुर्की पर प्रतिबंध लगा चुके हैं

दो महीने पहले जब तुर्की ने सीरिया में कुर्द विद्रोहियों के खिलाफ ऑपरेशन का ऐलान किया, तो ट्रम्प ने धमकी दी थी कि वे तुर्की की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देंगे। कुर्दों ने अमेरिका के साथ इस्लामिक आतंकी संगठन आईएस को हराने में अहम भूमिका निभाई थी। ट्रम्प ने अर्दोआन सरकार पर प्रतिबंधों का भी ऐलान किया। हालांकि, बाद में तुर्की ने कुर्दों के खिलाफ ऑपरेशन बंद कर दिए। ट्रम्प ने उनसे सीरिया को लेकर समझौते की अपील की थी। इसके अलावा रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए भी तुर्की पर काट्सा कानून के तहत कुछ प्रतिबंध लग चुके हैं।

नई दिल्ली। अमेरिका (America) की ओर से लगाए गए कड़े प्रतिबंधों पर तुर्की (Turkey) ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन ने रविवार को कहा कि अब अगर अमेरिका तुर्की पर और प्रतिबंध लगाता है, तो वे देश में मौजूद अमेरिका के इनसर्लिक एयरबेस को बंद कर सकते हैं। अर्दोआन ने धमकी दी कि उनके पास इनसर्लिक के अलावा मलाक्या प्रांत के अदाना में मौजूद कुरेसिच रडार स्टेशन को भी बंद करने का विकल्प है। कुरेसिच बेस में अमेरिकी सेना के अहम रडार लगे हैं। यह रडार अमेरिका और नाटो संगठन के देशों को मिसाइल लॉन्च की जानकारी देते हैं। अमेरिकी सीनेट ने बुधवार को ही तुर्की पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया। तुर्की ने पिछले साल रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। अमेरिका इसी से नाराज है। ट्रम्प प्रशासन पहले ही तुर्की से एफ-35 फाइटर जेट की डील रद्द कर चुका है। उसके अलावा नाटो देशों ने भी एस-400 की खरीद को लेकर तुर्की से दूरी बनाई है। अमेरिकी संसद में अर्मेनिया नरसंहार पर बिल पास, इसको लेकर भी तुर्की नाराज अमेरिकी संसद के उच्च सदन (सीनेट) ने हाल ही में 100 साल पहले हुए अर्मेनियन नरसंहार पर प्रस्ताव पारित कर इसकी निंदा की थी। अर्मेनियन नरसंहार 24 अप्रैल 1915 से शुरू हुआ, जब ऑटोमान (मौजूदा तुर्की) सरकार ने यहां करीब 15 लाख अल्पसंख्यकों की क्रूर हत्याएं करवाईं। इसे जर्मनी में नाजियों की हत्या के बाद दुनिया का सबसे दूसरा सबसे बड़ा नरसंहार माना जाता है। अमेरिकी सीनेट ने इसे नरसंहार के बजाय अर्मेनियाई नागरिकों का सामूहिक हत्याकांड बताया है। तुर्की ने इस प्रस्ताव की निंदा करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ सकते हैं। अमेरिका इतिहास को अलग तरह से पेश करने की कोशिश कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रम्प कई बार तुर्की पर प्रतिबंध लगा चुके हैं दो महीने पहले जब तुर्की ने सीरिया में कुर्द विद्रोहियों के खिलाफ ऑपरेशन का ऐलान किया, तो ट्रम्प ने धमकी दी थी कि वे तुर्की की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देंगे। कुर्दों ने अमेरिका के साथ इस्लामिक आतंकी संगठन आईएस को हराने में अहम भूमिका निभाई थी। ट्रम्प ने अर्दोआन सरकार पर प्रतिबंधों का भी ऐलान किया। हालांकि, बाद में तुर्की ने कुर्दों के खिलाफ ऑपरेशन बंद कर दिए। ट्रम्प ने उनसे सीरिया को लेकर समझौते की अपील की थी। इसके अलावा रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए भी तुर्की पर काट्सा कानून के तहत कुछ प्रतिबंध लग चुके हैं।