17 साल की उम्र में मिला लीड रोल, मुंबई की चॉल से छोटे पर्दे तक का सफर

मुंबई। सिने जगत में छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक एक बड़ा मुकाम हासिल करने वालों का अपना एक अलग किस्सा होता है, वो चाहे स्ट्रगल का हो या कम समय में बड़ी उपलब्धि का। एक ऐसा ही चेहरा इस समय खासा चर्चा में है, जिसने बहुत ही कम उम्र में उड़ना सीख लिया, हालांकि पर्दे के पीछे की कहानी कुछ और ही है। हम बात कर रहे हैं छोटे पर्दे पर कम उम्र में अपनी पहचान बनाने वाली महिमा मकवाना की। महिमा ने महज 17 साल की उम्र में ही तीन पापुलर टीवी शोज में लीड रोल प्ले किया।


चार साल में पिता का साया हटा—

जब महिमा महज चार साल की थी तभी उनके सिर से पिता का साया हट गया था। उसके बाद महिमा ने स्ट्रगलिंग के 15 साल दहिसर में बने चॉल में बिताये। इंडस्ट्री में कदम रखने के दो साल बाद ही 2015 में महिमा ने मुंबई में नया घर खरीद लिया।


500 से ज्यादा ऑडिशन दिये—

महिमा को इस मुकाम तक आने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। उनको 500 से ज्यादा ऑडिशन में निराशा हाथ लगी थी। एक इंटरव्यू में महिमा ने अपने ज़िंदगी से जुड़े कुछ पलो को शेयर करते हुये कहा, मैंने अपनी ज़िंदगी में काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। उनका कहना है कि 13 साल की उम्र में ही उन्होने एक्टिंग की शुरुआत कर ली थी। लेकिन अपनी पहचान बनाने में उन्हे बहुत सी कठिनाईयो का सामना करना पड़ा।




महिमा अपनी माँ को अपना आदर्श बताते हुये कहती हैं,”कई बार ऑडिशंस में रिजेक्ट होने से में निराश हो गयी थी, जिसके बाद अपने सपनों को छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन इस निराशा बने पलों में मेरी माँ ने मुझे मोटीवेट किया और मुझे आगे बढ़ने की सलाह दी।” महिमा को सबसे पहले “सपने सुहाने लड़कपन के” में लीड रोल मिला था।

महिमा मकवाना का कहना है कि उन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता की उनका जन्म किसी चौल में हुआ था और वही से वो पली-बढ़ी। उनका कहना है अगर उन्हे मौका मिले तो वो हमेशा उसी चौल में रह सकती है जहां से उन्होने सफलता की ओर कदम बढ़ाया था। हालांकि महिमा ने मुंबई के मेन जंक्शन तक की ट्रेवलिंग को नज़रअंदाज़ नहीं किया। उनका कहना है कि चौल से जंक्शन तक कि दूरी इतनी अधिक थी की लोग कहते थे की एक किराए का घर ले लेना चाहिए और एक कार भी ले लेनी चाहिए।