अलकायदा के दो आतंकी गिरफ्तार

अलकायदा के दो आतंकी गिरफ्तार

नई दिल्ली। बांग्लादेश के रास्ते अलकायदा के आंतकियों की घुसपैठ और भारत में अलकायदा मॉड्यूल को खड़ा करने की आतंकी साजिशों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। कोलकाता और दिल्ली एटीएस द्वारा रविवार को अंजाम दी गई संयुक्त कार्रवाई में यूपी के देवबंद से बांग्लादेशी आतंकी को गिरफ्तारी किया था, जबकि दूसरे आंतकी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम साउदी से गिरफ्तार करके भारत लाई है। इन आतंकियों की निशानदेही पर सुरक्षा एजेंसियां देश में मौजूद अलकायदा माड्यूल की तह तक जाने की कोशिश में जुटीं हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक देवबंद से गिरफ्तार बांग्लादेशी आतंकी की पहचान रजाउल रहमान के रूप में हुई है। रजाउल रहमान बांग्लादेश में अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद भारत आ गया था। कोलकाता में रहने के दौरान रजाउल नकली नोटों की तस्करी में संलिप्त पाया गया और कोलकाता पुलिस ने जब उसकी तलाश में छापेमारी की तो वह बांग्लादेश भाग गया। बांग्लादेश से वापस लौटने के बाद उसने यूपी के देवबंद को अपना ठिकाना बनाया था। रजाउल पर कोलकाता पुलिस ने लंबे समय से नजर रखी हुई थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि वह देवबंद छोड़कर जल्द ही दिल्ली में अपना नया ठिकाना बनाने वाला है। देवबंद में रहने के दौरान वह बांग्लादेश से भारत में आने वाले लोगों के भारतीय पहचान पत्र बनवाने का काम कर रहा था। उसके साथ तीन अन्य सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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पुलिस के मुताबिक रजाउल की गिरफ्तारी के बाद फैजान नामक युवक ने तलाश की जा रही है। फैजान ने ही देवबंद में रजाउल की मदद की थी। फैजान की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है।

वहीं साउदी से दिल्ली लाए गए आतंकी की पहचान जिशान अली के रूप में हुई है। यूपी पुलिस ने गत् वर्ष ही उसके चार साथियों को अलकायदा नेटवर्क से कनेक्शन के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। जिशान और उसके साथी यूपी में अलकायदा के लिए काम करने वाले एक आतंकी के सम्पर्क में थे और उसके ​इशारे पर आतंकी संगठन के लिए काम कर रहे थे। पिछली कार्रवाई में जिशान अली पुलिस से बचने के बाद से साउदी में छिपा बैठा था।

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पुलिस सूत्रों की माने जिशान अली की तलाश लंबे समय से थी। खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि विदेश में बैठे अलकायदा के आका भारत में अपने माड्यूल को खड़ा करना चाहते हैं। जिसके लिए उन्होंने जम्मू कश्मीर के किसी आंतकी को अपना सरगना चुना है। इसी सरगना के माध्यम से अलकायदा देशभर में अपना नेतटवर्क खड़ा करना चाह रहा था। जिसे समय रहते ही ध्वस्त कर दिया गया।