MP के बाद गुजरात कांग्रेस में टूट, 4 विधायकों ने दिया इस्तीफा

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नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) के पूर्व नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के बीजेपी (BJP) में शामिल होने के बाद एक ओर जहां मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वहीं अब गुजरात (Gujarat) से भी कांग्रेस के लिए बुरी खबर आई है। कांग्रेस के 2 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। विजय रूपाणी सरकार में मंत्री कुंवरजी बावलिया ने इसकी पुष्टि की है। 3 अन्य विधायकों के मोबाइल बंद आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये पांचों विधायक भाजपा को समर्थन दे सकते हैं।  

Two Congress Mlas Resign In Gujarat Angry Over Not Getting Seat In Rajya Sabha :

कांग्रेस को डर है कि भाजपा तीसरी सीट जीतने के लिए हॉर्स ट्रेडिंग कर सकती है। इसलिए कांग्रेस के 14 विधायकों को जयपुर भेजा गया है। उम्मीद है कि 36 विधायकों को और भेजा जाएगा। सभी विधायकों को एक रिजॉर्ट में ले जाया गया है। विधायकों को मोबाइल न रखने की हिदायत दी गई है। वे परिवार या परिचित से मुलाकात भी नहीं कर सकते। राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार को कांग्रेस हाईकमान सबसे सुरक्षित मानकर चल रही है। इसी कारण सभी विधायकों को राजस्थान लेकर आया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, गुजरात कांग्रेस विधायक सोमा पटेल और जेवी काकडिया ने राज्यसभा में उनके समुदाय के सदस्य को न भेजे जाने से नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सोमा पटेल ने राज्यसभा सीट कोली समुदाय को देने की मांग की थी। बताया जाता है कि गुजरात से कोली समुदाय के सदस्य को टिकट नहीं दिया गया है। सोमा पटेल लिमडी से विधायक हैं, जबकि जेवी काकडिया धारी से विधायक हैं।

बीजेपी, कांग्रेस में जोड़-तोड़

182 सदस्यों वाली गुजरात विधानसभा में फिलहाल 180 सदस्य है जिसमें 103 विधायक बीजेपी के हैं। वहीं 73 MLA कांग्रेस के हैं। गुजरात में कांग्रेस के सहयोगी दलों की बात करें को बीटीपी 2, एनसीपी 1 और 1 निर्दलीय को जोड़कर पार्टी के पास 77 MLA हैं। हर राज्यसभा सीट जीतने के लिए प्रेफरेंस वोट होंगे। 2 सीटों पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है ऐसे में 180/(4+1) 5=36+1=37 यानी जीत के लिए 37 वोट चाहिए। गुजरात में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए दोनों ही दलों को 38 वोट चाहिए। राज्यसभा की दो सीटें जीतने के लिए 76 वोट चाहिए जबकि कांग्रेस के पास 74 वोट हैं जो दो सीटों के लिए काफी नहीं है। ऐसे में कांग्रेस राज्यसभा की एक सीट से हाथ धो सकती है। हालांकि बीजेपी तीसरी सीट हर हाल में जीतना चाहती है।  

नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) के पूर्व नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के बीजेपी (BJP) में शामिल होने के बाद एक ओर जहां मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वहीं अब गुजरात (Gujarat) से भी कांग्रेस के लिए बुरी खबर आई है। कांग्रेस के 2 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। विजय रूपाणी सरकार में मंत्री कुंवरजी बावलिया ने इसकी पुष्टि की है। 3 अन्य विधायकों के मोबाइल बंद आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये पांचों विधायक भाजपा को समर्थन दे सकते हैं।   कांग्रेस को डर है कि भाजपा तीसरी सीट जीतने के लिए हॉर्स ट्रेडिंग कर सकती है। इसलिए कांग्रेस के 14 विधायकों को जयपुर भेजा गया है। उम्मीद है कि 36 विधायकों को और भेजा जाएगा। सभी विधायकों को एक रिजॉर्ट में ले जाया गया है। विधायकों को मोबाइल न रखने की हिदायत दी गई है। वे परिवार या परिचित से मुलाकात भी नहीं कर सकते। राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार को कांग्रेस हाईकमान सबसे सुरक्षित मानकर चल रही है। इसी कारण सभी विधायकों को राजस्थान लेकर आया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, गुजरात कांग्रेस विधायक सोमा पटेल और जेवी काकडिया ने राज्यसभा में उनके समुदाय के सदस्य को न भेजे जाने से नाराज होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। सोमा पटेल ने राज्यसभा सीट कोली समुदाय को देने की मांग की थी। बताया जाता है कि गुजरात से कोली समुदाय के सदस्य को टिकट नहीं दिया गया है। सोमा पटेल लिमडी से विधायक हैं, जबकि जेवी काकडिया धारी से विधायक हैं। बीजेपी, कांग्रेस में जोड़-तोड़ 182 सदस्यों वाली गुजरात विधानसभा में फिलहाल 180 सदस्य है जिसमें 103 विधायक बीजेपी के हैं। वहीं 73 MLA कांग्रेस के हैं। गुजरात में कांग्रेस के सहयोगी दलों की बात करें को बीटीपी 2, एनसीपी 1 और 1 निर्दलीय को जोड़कर पार्टी के पास 77 MLA हैं। हर राज्यसभा सीट जीतने के लिए प्रेफरेंस वोट होंगे। 2 सीटों पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है ऐसे में 180/(4+1) 5=36+1=37 यानी जीत के लिए 37 वोट चाहिए। गुजरात में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए दोनों ही दलों को 38 वोट चाहिए। राज्यसभा की दो सीटें जीतने के लिए 76 वोट चाहिए जबकि कांग्रेस के पास 74 वोट हैं जो दो सीटों के लिए काफी नहीं है। ऐसे में कांग्रेस राज्यसभा की एक सीट से हाथ धो सकती है। हालांकि बीजेपी तीसरी सीट हर हाल में जीतना चाहती है।