मेरठ में वंदे मातरम को लेकर भिड़े दो गुट, नगर निगम में हुआ बवाल

मेरठ। सोमवार को वंदे मातरम को लेकर यूपी के मेरठ में दो राजनीतिक पार्टियां भीड़ गयी। बवाल इतना बढ़ गया कि पुलिस मौके पर मूक दर्शक बन देखती रही। घटना निकाय चुनाव के बाद यहां पहली बोर्ड बैठक की है। आरोप है की वंदे मातरम गाने की जगह वंदे मातरम का फिल्मी गाना बजा दिया गया जिसके बाद नगर निगम में बवाल हो गया।

वंदे मातरम को लेकर बीएसपी और बीजेपी पार्षदों के बीच 45 मिनट तक ज़बर्दस्त घमासान हुआ। मारपीट इतनी बढ़ गई थी कि पुलिस को सदन के अंदर बीच बचाव करने जाना पड़ा लेकिन फिर भी मामला शांत नहीं हुआ। महापौर अपनी कुर्सी पर बैठी थीं और नीचे दोनों तरफ के पार्षद मारपीट कर रहे थे।

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बता दें कि वंदे मातरम् गायन को लेकर मेरठ नगर निगम में इससे पहले भी हंगामा हो चुका है। हाल के दिनों में चुनकर आईं बीएसपी की मेयर सुनीता वर्मा वंदे मातरम् गायन के दौरान कथित तौर पर अपनी सीट पर बैठी हुई देखी गईं। इसपर भाजपा के पार्षदों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में इसपर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा था कि यहां विवाद का कोई कारण नहीं होना चाहिए क्योंकि सिर्फ राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ बोर्ड मीटिंग से पहल बजाया जाएगा।

हालांकि इससे पहले मेरठ के भाजपा मेयर रहे हरिकांत अहलुवालिया ने राष्ट्रीय गीत एमएमसी की बोर्ड मीटिंग से पहले बजाने को जरूरी घोषित किया था। इस दौरान कहा गया कि जो इससे इंकार करेगा उसे टर्मिनेट कर दिया जाएगा।

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