मासूमों की कब्रगाह बन गयी कार, नौ घंटे लॉक रहे बच्चे

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक कार ने दो मासूमों की सांसे छीन ली। दिल्ली के रनहोला इलाके के दास गार्डन कालोनी में कार में फंसे दो बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई। ये घटना बीते तीन अक्टूबर की है। मृतक बहचे चचेरे भाई थे। बच्चों की उम्र चार और पांच साल थी। इस मामले में पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है।

Two Kids Locked For 9 Hours In Car Died In Delhi :

दरअसल, मासूम राज(5) और सोनू(4) के पिता कैब ड्राइवर हैं। जब वो अपनी ड्यूटी करके घर पहुंचे तो उन्होने घर के बाहर खाली पड़े प्लॉट में कार खड़ी कर दी। इसी बीच ड्राइवर का बेटा राज और भतीजा सोनू वहां खेलने पहुंच गए। कार ड्राइवर घर के अंदर चला गया और दोनों बच्चे कार में बैठ कर खेलने लगे। कार ड्राइवर को याद आया कि उसने कार लॉक नहीं की है और उसने घर के अंदर से ही कार को सेंटर लॉक कर दिया।

दोनों बच्चे कार के अंदर ही फंस गए। कार के मालिक ने दिन में करीब एक बजे इस कार को लॉक कर दिया क्योंकि उसे नहीं पता था कि बच्चे कार के भीतर हैं। कुछ घंटों बाद जब परिवार को अहसास हुआ कि बच्चे गायब हैं तो वे पुलिस के पास पहुंचे। इस दौरान एक रिश्तेदार ने देखा कि बच्चे कार में बंद हैं। आनन-फानन में बच्चों को अस्पताल ले जाया गया जहां उनको मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत दम घुटने तथा डिहाइड्रेशन से होना बताया गया है। पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक कार ने दो मासूमों की सांसे छीन ली। दिल्ली के रनहोला इलाके के दास गार्डन कालोनी में कार में फंसे दो बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई। ये घटना बीते तीन अक्टूबर की है। मृतक बहचे चचेरे भाई थे। बच्चों की उम्र चार और पांच साल थी। इस मामले में पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है।दरअसल, मासूम राज(5) और सोनू(4) के पिता कैब ड्राइवर हैं। जब वो अपनी ड्यूटी करके घर पहुंचे तो उन्होने घर के बाहर खाली पड़े प्लॉट में कार खड़ी कर दी। इसी बीच ड्राइवर का बेटा राज और भतीजा सोनू वहां खेलने पहुंच गए। कार ड्राइवर घर के अंदर चला गया और दोनों बच्चे कार में बैठ कर खेलने लगे। कार ड्राइवर को याद आया कि उसने कार लॉक नहीं की है और उसने घर के अंदर से ही कार को सेंटर लॉक कर दिया।दोनों बच्चे कार के अंदर ही फंस गए। कार के मालिक ने दिन में करीब एक बजे इस कार को लॉक कर दिया क्योंकि उसे नहीं पता था कि बच्चे कार के भीतर हैं। कुछ घंटों बाद जब परिवार को अहसास हुआ कि बच्चे गायब हैं तो वे पुलिस के पास पहुंचे। इस दौरान एक रिश्तेदार ने देखा कि बच्चे कार में बंद हैं। आनन-फानन में बच्चों को अस्पताल ले जाया गया जहां उनको मृत घोषित कर दिया।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत दम घुटने तथा डिहाइड्रेशन से होना बताया गया है। पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है।