18 दिन में बीजेपी के दो बड़े नेताओं का निधन, हमेशा याद आयेंगे सुषमा स्वराज और अरुण जेटली

arun and sushma
18 दिन में बीजेपी के दो बड़े नेताओं का निधन, हमेशा याद आयेंगे सुषमा स्वराज और अरुण जेटली

नई दिल्ली। भरतीय जनता पार्टी के दो बड़े नेताओं का 18 दिन के ही अंतराल में निधन हो गया। छह अगस्त को पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से पार्टी अभी उबर नहीं पाई थी कि आज पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का निधन हो गया। दोनों ही नेताओं को सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोग बेहद पंसद करते थे। बीजेपी आज भले ही सत्ता के शिखर पर हो लेकिन इन नेताओं ने पार्टी को उस समय संभाला था जब 2009 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद कार्यकर्ता निराश थे।

Two Senior Bjp Leaders Died In 18 Days Sushma Swaraj And Arun Jaitley Will Always Be Remembered :

लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर सुषमा स्वराज और राज्यसभा में अरुण जेटली ने मोर्चा संभाला था। इसके बाद इन दोनों नेताओं ने मनमोहन सरकार को कॉमनवेल्थ गेम्स, महंगाई, 2जी जैसे कई मुद्दों पर चौतरफा घेरा था। विपक्ष में शानदार भूमिका निभाने वाले इन दो नेताओं ने तथ्यों और अपनी भाषण कला के दम पर संसद में जनता की आवाज बने।

कई मुद्दों पर घिरी यूपीए की सरकार को इन दो नेताओं ने सड़क से लेकर संसद तक घेरा था। हालांकि, इसके बावजूद सत्ता पक्ष के लोगों का दोनों नेताओं से अलग ही लगाव था। बता दें कि, भारतीय जनता पार्टी के नेता व पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का एम्स में निधन हो गया है। अरुण जेटली को 9 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद से उनका उपचार वहां पर चल रहा था।

अरुण जेटली को देखने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, बसपा सुप्रीमो मायावती समेत कई नेता पहुंचे थे। बता दें कि, वकील से राजनीतिज्ञ बने अरुण जेटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में वित्त मंत्री थे।

नई दिल्ली। भरतीय जनता पार्टी के दो बड़े नेताओं का 18 दिन के ही अंतराल में निधन हो गया। छह अगस्त को पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से पार्टी अभी उबर नहीं पाई थी कि आज पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का निधन हो गया। दोनों ही नेताओं को सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोग बेहद पंसद करते थे। बीजेपी आज भले ही सत्ता के शिखर पर हो लेकिन इन नेताओं ने पार्टी को उस समय संभाला था जब 2009 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद कार्यकर्ता निराश थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर सुषमा स्वराज और राज्यसभा में अरुण जेटली ने मोर्चा संभाला था। इसके बाद इन दोनों नेताओं ने मनमोहन सरकार को कॉमनवेल्थ गेम्स, महंगाई, 2जी जैसे कई मुद्दों पर चौतरफा घेरा था। विपक्ष में शानदार भूमिका निभाने वाले इन दो नेताओं ने तथ्यों और अपनी भाषण कला के दम पर संसद में जनता की आवाज बने। कई मुद्दों पर घिरी यूपीए की सरकार को इन दो नेताओं ने सड़क से लेकर संसद तक घेरा था। हालांकि, इसके बावजूद सत्ता पक्ष के लोगों का दोनों नेताओं से अलग ही लगाव था। बता दें कि, भारतीय जनता पार्टी के नेता व पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का एम्स में निधन हो गया है। अरुण जेटली को 9 अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद से उनका उपचार वहां पर चल रहा था। अरुण जेटली को देखने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, बसपा सुप्रीमो मायावती समेत कई नेता पहुंचे थे। बता दें कि, वकील से राजनीतिज्ञ बने अरुण जेटली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में वित्त मंत्री थे।