500 के नये नोट में दिखी गड़बड़ी, लोग भ्रमित

बेंगलुरु। 500 रुपये के नये नोटों के आने के बाद से अब लोगों के अंदर भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी है। 500 के नये नोट में अंतर को लेकर लोग भ्रमित हैं। किसी का कहना है कि नये नोट में छपाई गलत की गयी है और कोई इसे नकली बता रहा है। बाजार में नये नोट आने के बाद से नकली नोटों के चलन की आशंका भी काफी हद तक बढ़ गयी, हालांकि सरकार के पुराने नोटों को बैन करने के पीछे का मकसद भी नकली नोटों को रोकना था। अब इस स्थित में आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।




एक रिपोर्ट में मिला अंतर–

Two Variants Of New Rs 500 Note Out In Market :

500 रुपये के नये नोट को लेकर दिल्ली के रहने वाले अबशार ने बताया कि नये नोट में गांधी जी डबल शेडो नजर आए, वहीं राष्ट्रीय चिह्न के एलाइनमेंट में फर्क और सीरियल नंबर में भी गड़बड़ी दिखी। ऐसी स्थिति में आम लोग असमंजस में पड़ गए हैं, उन्हे बाजार में नकली नोट के होने की भी आशंका दिखाई पड़ रही है।




ये कहना है RBI की प्रवक्ता का–

आरबीआई की प्रवक्ता अल्पना किलावाला ने अपने बयान में कहा कि देश में नये नोटों की मारामारी अधिक होने के चलते नोटों की छपाई में गड़बड़ी हो सकती है। हालांकि लोग इसे बिना शक स्वीकार करें या इसे आरबीआई को वापस लौटा सकते हैं।



बेंगलुरु। 500 रुपये के नये नोटों के आने के बाद से अब लोगों के अंदर भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी है। 500 के नये नोट में अंतर को लेकर लोग भ्रमित हैं। किसी का कहना है कि नये नोट में छपाई गलत की गयी है और कोई इसे नकली बता रहा है। बाजार में नये नोट आने के बाद से नकली नोटों के चलन की आशंका भी काफी हद तक बढ़ गयी, हालांकि सरकार के पुराने नोटों को बैन करने के पीछे का मकसद भी नकली नोटों को रोकना था। अब इस स्थित में आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक रिपोर्ट में मिला अंतर--500 रुपये के नये नोट को लेकर दिल्ली के रहने वाले अबशार ने बताया कि नये नोट में गांधी जी डबल शेडो नजर आए, वहीं राष्ट्रीय चिह्न के एलाइनमेंट में फर्क और सीरियल नंबर में भी गड़बड़ी दिखी। ऐसी स्थिति में आम लोग असमंजस में पड़ गए हैं, उन्हे बाजार में नकली नोट के होने की भी आशंका दिखाई पड़ रही है। ये कहना है RBI की प्रवक्ता का--आरबीआई की प्रवक्ता अल्पना किलावाला ने अपने बयान में कहा कि देश में नये नोटों की मारामारी अधिक होने के चलते नोटों की छपाई में गड़बड़ी हो सकती है। हालांकि लोग इसे बिना शक स्वीकार करें या इसे आरबीआई को वापस लौटा सकते हैं।