पेट दर्द की शिकायत पर दो युवक पहुंचे अस्‍पताल, डॉक्‍टर ने लिख दिया प्रेगनेंसी टेस्ट

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पेट दर्द की शिकायत पर दो युवक पहुंचे अस्‍पताल, डॉक्‍टर ने लिख दिया प्रेगनेंसी टेस्ट

रांची। झारखण्ड के चतरा जिले में एक डॉक्‍टर ने दो पुरुषों को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सक ने दोनों को प्रेगनेंसी टेस्ट कराने की प्रिस्क्रिप्‍शन लिख दी है। जब दोनों युवक पैथालॉजी तो हड़कंप मच गया। पैथालॉजी संचालक ने युवकों का टेस्ट करने से इंकार कर दिया। मामला खुला तो युव​कों ने इसकी शिकायत की। अब महकमे में हड़कंप मच गया और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

Two Youth Reached Hospital On Complaint Of Stomach Pain Doctor Wrote Pregnancy Test :

जानकारी के मुताबिक चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड के चोरबोरा गांव निवासी महावीर गंझू का 22 वर्षीय पुत्र गोपाल गंझू और सुधु गंझू का 26 वर्षीय पुत्र कामेश्वर गंझू को विगत एक अक्टूबर को अचानक पेट में दर्द उठा। परिजन उपचार के लिए दोनों को रेफरल अस्पताल ले गए। परिजनों के मुताबिक उस समय अस्पताल में डॉक्टर मुकेश ड्यूटी पर थे। उन्होंने दोनों मरीजों को देखा अस्पताल की पर्ची संख्या 17028 एवं 17032 पर कथित तौर पर प्रेगनेंसी टेस्‍ट कराने की सलाह दी।

डॉक्‍टर ने युवकों को एचआईवी, एचबीए, एचसीवी, सीबीसी, एचएच-2 और एएनसी चेकअप कराने की सलाह दी। इतना ही नहीं डॉक्टर मुकेश ने दोनों को एक ही तरह की दवाएं लिख दी। दोनों युवक जांच के लिए पर्चा लेकर एक निजी पैथोलॉजी लैब गए। जांच करने वाला डॉक्टर अस्पताल की पर्ची देखकर हैरान रहा गया। कुछ जांचें तो उसने कर दी लेकिन प्रेगनेंसी आदि की जांच से इंकार कर दिया। इसके बाद दोनों युवकों ने वरिष्‍ठ डॉक्‍टर अरुण कुमार पासवान से पूरे मामले की शिकायत की।

चतरा जिले के सिविल सर्जन डॉक्‍टर पासवान ने बताया कि इस शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। वहीं आरोपी डॉक्‍टर मुकेश कुमार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्‍होंने कहा कि कतई ऐसा नहीं हो सकता है। मुझे बदनाम करने की साजिश है। पर्चे पर ओवर राइटिंग से ऐसा किया गया है। रजिस्टर पंजी में एएनसी जांच नहीं लिखी हुई है। वैसे अब तो जांच के बाद ही पता चलेगा कि क्‍या वाकई मरीजों को पेट दर्द की शिकायत पर ऐसा प्रिस्क्रिप्‍शन दिया गया था या नहीं।

वैसे डॉक्‍टर द्वारा ऐसा अजीब प्रिस्‍क्रि‍प्‍शन देने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जुलाई में सिंघभूम ज‍िले में ऐसा ही मामला सामने आया था। उस वक्‍त पेट दर्द की शिकायत पर डॉक्‍टर ने एक महिला को कंडोम का प्रिस्‍क्र‍िप्‍शन लिखा था। इसका पता उस मह‍िला को तब चला था जब वह दवा की दुकान पर पर्ची लेकर गई। मेडिकल स्‍टोर पर बैठे शख्‍स ने ही उसे बताया कि डॉक्‍टर ने पर्ची में दवा के बजाए कंडोम प्रेस्‍क्राइब किया है।

रांची। झारखण्ड के चतरा जिले में एक डॉक्‍टर ने दो पुरुषों को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सक ने दोनों को प्रेगनेंसी टेस्ट कराने की प्रिस्क्रिप्‍शन लिख दी है। जब दोनों युवक पैथालॉजी तो हड़कंप मच गया। पैथालॉजी संचालक ने युवकों का टेस्ट करने से इंकार कर दिया। मामला खुला तो युव​कों ने इसकी शिकायत की। अब महकमे में हड़कंप मच गया और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड के चोरबोरा गांव निवासी महावीर गंझू का 22 वर्षीय पुत्र गोपाल गंझू और सुधु गंझू का 26 वर्षीय पुत्र कामेश्वर गंझू को विगत एक अक्टूबर को अचानक पेट में दर्द उठा। परिजन उपचार के लिए दोनों को रेफरल अस्पताल ले गए। परिजनों के मुताबिक उस समय अस्पताल में डॉक्टर मुकेश ड्यूटी पर थे। उन्होंने दोनों मरीजों को देखा अस्पताल की पर्ची संख्या 17028 एवं 17032 पर कथित तौर पर प्रेगनेंसी टेस्‍ट कराने की सलाह दी। डॉक्‍टर ने युवकों को एचआईवी, एचबीए, एचसीवी, सीबीसी, एचएच-2 और एएनसी चेकअप कराने की सलाह दी। इतना ही नहीं डॉक्टर मुकेश ने दोनों को एक ही तरह की दवाएं लिख दी। दोनों युवक जांच के लिए पर्चा लेकर एक निजी पैथोलॉजी लैब गए। जांच करने वाला डॉक्टर अस्पताल की पर्ची देखकर हैरान रहा गया। कुछ जांचें तो उसने कर दी लेकिन प्रेगनेंसी आदि की जांच से इंकार कर दिया। इसके बाद दोनों युवकों ने वरिष्‍ठ डॉक्‍टर अरुण कुमार पासवान से पूरे मामले की शिकायत की। चतरा जिले के सिविल सर्जन डॉक्‍टर पासवान ने बताया कि इस शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। वहीं आरोपी डॉक्‍टर मुकेश कुमार ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्‍होंने कहा कि कतई ऐसा नहीं हो सकता है। मुझे बदनाम करने की साजिश है। पर्चे पर ओवर राइटिंग से ऐसा किया गया है। रजिस्टर पंजी में एएनसी जांच नहीं लिखी हुई है। वैसे अब तो जांच के बाद ही पता चलेगा कि क्‍या वाकई मरीजों को पेट दर्द की शिकायत पर ऐसा प्रिस्क्रिप्‍शन दिया गया था या नहीं। वैसे डॉक्‍टर द्वारा ऐसा अजीब प्रिस्‍क्रि‍प्‍शन देने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जुलाई में सिंघभूम ज‍िले में ऐसा ही मामला सामने आया था। उस वक्‍त पेट दर्द की शिकायत पर डॉक्‍टर ने एक महिला को कंडोम का प्रिस्‍क्र‍िप्‍शन लिखा था। इसका पता उस मह‍िला को तब चला था जब वह दवा की दुकान पर पर्ची लेकर गई। मेडिकल स्‍टोर पर बैठे शख्‍स ने ही उसे बताया कि डॉक्‍टर ने पर्ची में दवा के बजाए कंडोम प्रेस्‍क्राइब किया है।