उदित नारायण का बड़ा खुलासा, कहा- मुझे छूरे से मरने की कोशिश की गई… डिप्रेशन मे आत्महत्या के आते थे ख्याल

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सुशांत सिंह की आत्मह्त्या के बाद अब लगातार स्टार अपने डिप्रेशन की स्थिति का बयाना कर रहें हैं अब उदित नारायन ने सोशल मीडिया पर अपने डिप्रेशन और धमकियों को लेकर बड़ा खुलासा किया।

Udit Narayans Big Reveal :

आपको बता दें, उदित नारायण ने फिल्म इंडस्ट्री में 40 साल पूरे कर लिए जिसके चलते उदित अपना यूट्यूब चैनल लॉन्च कर रहें हैं।

एक इंटरव्यू मे उदित ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्हे पिछले साल यानी 2019 तक धमकी भरे फोन आते रहे 22 साल उन्हे इस मानसिक प्रताड़णा का सामना करना पड़ा।

एक्सटॉर्शन मनी के लिए मिलती थी धमकियाँ 

उदित नारायण को फिल्म कुछ कुछ होता है के बाद सफलता मिली। एक इंटरव्यू के दौरान उदित ने बताया कि,  सफल होने के बावजूद एक अलग संघर्ष शुरू हुआ। लगातार धमकियां मिलने लगीं। कहा जाने लगा कि बहुत हवा में उड़ रहे हो। एक्सटॉर्शन मनी के कॉल आने लगे।

काम तक छोड़ने को कहा गया। एक ग्रुप था, जिसने मेरे नाम की सुपारी भी दी, जो मेरे काम से इनसिक्योर थे। वह तो भला हो मुंबई क्राइम ब्रांच का जहां से मुझे लगातार सहयोग मिलता रहा। पहले 1998 में तत्कालीन पुलिस कमिश्नर एम एन सिंह ने मुझे दो पुलिस अफसर दिए। बाद में जब राकेश मारिया आए तो उन्होंने भी मुझे सतर्क रहने को कहा। उन्होंने भी मुझे सुरक्षा मुहैया करवाई। यह सब बातें पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं।

मेरे नाम की दी गई सुपारी 

उदित ने बताया कि सिर्फ एक्सटॉर्शन मनी तक ही बात सीमित नहीं थी बल्कि एक समय लखनऊ से मेरे नाम की सुपारी लेकर कुछ लोग चल भी पड़े थे। उन्होने बताया उन्हे छूरे से मरने कि कोशिश की गई थी। हालांकि वह पुलिस के हत्थे चढ़ गए थे। एक बार और हुआ, जब मुझ पर हमला किया जाने वाला था।

धमकियों के साए में कुल मिलाकर मैं साल 1998 से लेकर 2019 तक रहा। हर दो-चार महीने में धमकी भरे कॉल आ ही जाते थे। कई बार तो जान से मारने की धमकी भी मिलती रहती थीं। गाली गलौज तो खैर हर कॉल में होती ही थी।

कुल मिलाकर मुझे स्ट्रेस देने की कोशिश रहती थी धमकी देने वाले की। ताकि मैं अच्छा परफॉर्म ना कर पाऊं। शुरू में मैं घबराता तो जरूर था। कई रातें बिना सोए गुजरती थीं। कई बार डिप्रेशन में गया। आत्महत्या तक के ख्याल आए, मगर एक आर्मी पर्सन की तरह डटा रहा।

 

सुशांत सिंह की आत्मह्त्या के बाद अब लगातार स्टार अपने डिप्रेशन की स्थिति का बयाना कर रहें हैं अब उदित नारायन ने सोशल मीडिया पर अपने डिप्रेशन और धमकियों को लेकर बड़ा खुलासा किया। आपको बता दें, उदित नारायण ने फिल्म इंडस्ट्री में 40 साल पूरे कर लिए जिसके चलते उदित अपना यूट्यूब चैनल लॉन्च कर रहें हैं। एक इंटरव्यू मे उदित ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्हे पिछले साल यानी 2019 तक धमकी भरे फोन आते रहे 22 साल उन्हे इस मानसिक प्रताड़णा का सामना करना पड़ा।

एक्सटॉर्शन मनी के लिए मिलती थी धमकियाँ 

उदित नारायण को फिल्म कुछ कुछ होता है के बाद सफलता मिली। एक इंटरव्यू के दौरान उदित ने बताया कि,  सफल होने के बावजूद एक अलग संघर्ष शुरू हुआ। लगातार धमकियां मिलने लगीं। कहा जाने लगा कि बहुत हवा में उड़ रहे हो। एक्सटॉर्शन मनी के कॉल आने लगे। काम तक छोड़ने को कहा गया। एक ग्रुप था, जिसने मेरे नाम की सुपारी भी दी, जो मेरे काम से इनसिक्योर थे। वह तो भला हो मुंबई क्राइम ब्रांच का जहां से मुझे लगातार सहयोग मिलता रहा। पहले 1998 में तत्कालीन पुलिस कमिश्नर एम एन सिंह ने मुझे दो पुलिस अफसर दिए। बाद में जब राकेश मारिया आए तो उन्होंने भी मुझे सतर्क रहने को कहा। उन्होंने भी मुझे सुरक्षा मुहैया करवाई। यह सब बातें पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं।

मेरे नाम की दी गई सुपारी 

उदित ने बताया कि सिर्फ एक्सटॉर्शन मनी तक ही बात सीमित नहीं थी बल्कि एक समय लखनऊ से मेरे नाम की सुपारी लेकर कुछ लोग चल भी पड़े थे। उन्होने बताया उन्हे छूरे से मरने कि कोशिश की गई थी। हालांकि वह पुलिस के हत्थे चढ़ गए थे। एक बार और हुआ, जब मुझ पर हमला किया जाने वाला था।

धमकियों के साए में कुल मिलाकर मैं साल 1998 से लेकर 2019 तक रहा। हर दो-चार महीने में धमकी भरे कॉल आ ही जाते थे। कई बार तो जान से मारने की धमकी भी मिलती रहती थीं। गाली गलौज तो खैर हर कॉल में होती ही थी।

कुल मिलाकर मुझे स्ट्रेस देने की कोशिश रहती थी धमकी देने वाले की। ताकि मैं अच्छा परफॉर्म ना कर पाऊं। शुरू में मैं घबराता तो जरूर था। कई रातें बिना सोए गुजरती थीं। कई बार डिप्रेशन में गया। आत्महत्या तक के ख्याल आए, मगर एक आर्मी पर्सन की तरह डटा रहा।