आधार डाटा लीक मामला: UIDAI ने ‘द ट्रिब्यून’ और रिपोर्टर के खिलाफ दर्ज कराई FIR

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नई दिल्ली। महज 500 रुपये में किसी की भी आधार संबन्धित जानकारी लीक करने के मामले में यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने ‘द ट्रिब्यून’ और उसकी रिपोर्टर के खिलाफ दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई है। एफ़आईआर क्राइम ब्रांच की साइबर सेल द्वारा आईपीसी की धारा 419, 420, 468 और 471 साथ ही आईटी एक्ट की धारा 66 और आधार एक्ट की धारा 36/37 के अंतर्गत दर्ज की गई है।

ट्रिब्यून की खबर के प्रकाशित होने के बाद UIDAI ने कहा था कि बायोमैट्रिक डाटा हासिल करने की खबर झूठी थी। UIDAI के चंडीगढ़ स्थित दफ्तर ने ‘द ट्रिब्यून’ को एक खत भी भेजा है। बता दें कि यह चौथी बार है जब UIDAI ने इस प्रकार की कार्रवाई की है।

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ये थी खबर-

अंग्रेजी अखबार, द ट्रिब्यून ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि एक व्हाट्सएप ग्रुप ने मात्र 500 रुपये में ये सर्विस खरीदी और करीब 100 करोड़ आधार कार्ड का एक्सेस मिल गया। दरअसल, उनकी तहकीकात में उन्हें एक एजेंट के बारे में पता लगा। जिसके बाद एजेंट ने मात्र 10 मिनट में एक गेटवे दिया और लॉग-इन पासवर्ड दिया। उसके बाद उन्हें सिर्फ आधार कार्ड का नंबर डालना था और किसी भी व्यक्ति के बारे निजी जानकारी आसानी से मिल गई।

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300 रुपये अधिक देने पर उन्हें उस आधार कार्ड की जानकारी को प्रिंट करवाने का भी एक्सेस मिल गया। इसके लिए अलग से एक सॉफ्टवेयर था। इस सारे घटना क्रम को समझने के बाद जब यूआईडीएआई से संपर्क किया गया तो उसने इस मामले को गंभीर माना और स्वीकार किया कि यह देश की सुरक्षा के लिए एक खतरा है।

चंडीगढ़ में UIDAI की रिजनल एडशिनल डॉयरेक्टर-जनरल, संजय जिंदल ने बताया कि अगर ये सच है तो काफी चौंकाने वाला है क्योंकि डॉयरेक्टर-जनरल और मेरे अलावा किसी और के पास लॉग-इन पासवर्ड नहीं होना चाहिए।

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नई दिल्ली। महज 500 रुपये में किसी की भी आधार संबन्धित जानकारी लीक करने के मामले में यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने 'द ट्रिब्यून' और उसकी रिपोर्टर के खिलाफ दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई है। एफ़आईआर क्राइम ब्रांच की साइबर सेल द्वारा आईपीसी की धारा 419, 420, 468 और 471 साथ ही आईटी एक्ट की धारा 66 और आधार एक्ट की धारा 36/37 के अंतर्गत दर्ज की गई है। ट्रिब्यून की खबर के प्रकाशित होने के बाद UIDAI…
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