UN ने भी माना- भारत ही नहीं अफगानिस्तान में भी आतंकवाद फैला रहा है पाकिस्तान

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UN ने भी माना- भारत ही नहीं अफगानिस्तान में भी आतंकवाद फैला रहा है पाकिस्तान

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अपनी एक रिपोर्ट में माना है कि पाकिस्तान (Pakistan) में चल रहे आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान (Afghanistan) में भी आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दोनों आतंकी संगठनों के आतंकवादी बम विस्फोट और आत्मघाती हमलों के जरिए अफगानिस्तान में जारी शांति प्रक्रिया को भंग करना चाहते हैं. भारत ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अब स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया ही नहीं दुनिया में आतंकवाद फैला रहा है.

Un Also Agreed Pakistan Is Spreading Terrorism Not Only In Afghanistan But Also In Afghanistan :

बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा भारत में 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले और 2019 में पुलवामा हमले समेत कई बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दे चुके हैं. सुरक्षा परिषद (UNSC)को सौंपी गई आईएसआईएस, अल-कायदा और संबंधित व्यक्तियों व संस्थाओं से संबंधित विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के मुताबिक अफगान अधिकारियों ने बताया कि कई समूह अफगानिस्तान में सुरक्षा के सामने खतरा पैदा कर रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान के अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा खतरा पैदा कर रहे समूहों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, जैश और लश्कर शामिल हैं.

अफगानिस्तान में 6500 पाकिस्तानी आतंकी मौजूद

रिपोर्ट में कहा गया है कि लश्कर के 800 और जैश के 200 लड़ाके हैं, जो नंगरहार प्रांत के मोहमंद दर्रा, दुर बाबा और शेरजाद जिलों में तालिबान के साथ मौजूद हैं. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) भी मोहमंद दर्रा के सीमावर्ती क्षेत्र के पास लाल पुरा जिले में उपस्थिति बनाए रखता है. कुनार प्रांत में लश्कर के 220 और जैश के 30 आतंकी हैं, जो तालिबान के साथ मिलकर हमले करते हैं.

यूएनएससी की निगरानी टीम ने कहा कि टीटीपी, जैश और लश्कर कुनार, नंगरहार और नूरिस्तान में मौजूद हैं. वहां वे अफगान तालिबान के नीचे काम करते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-कायदा के कई बड़े आतंकी भले ही मारे जा चुके हो, लेकिन वरिष्ठ नेतृत्व अभी भी अफगानिस्तान में ही मौजूद है. साथ ही भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा और विदेशी आतंकियों के समूहों ने तालिबान के साथ गठजोड़ कर लिया है.

आतंकवाद का गढ़ है पाकिस्तान

इस रिपोर्ट पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट भारत के इस दावे को पुख्ता करती है कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का गढ़ है. मंत्रालय ने कहा कि आतंकवादी और आतंकी संगठन पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकानों का आनंद ले रहे हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘इससे भारत द्वारा लंबे समय से किये जा रहे दावे को बल मिलाता है कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का केन्द्र रहा है.’

अनुराग ने कहा, ‘वे इस क्षेत्र और दुनिया के विभिन्न भागों में हिंसा भड़काते और आतंकवाद फैलाते हैं. पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम लगाने के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स सहित अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने में विफल रहा है.’

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अपनी एक रिपोर्ट में माना है कि पाकिस्तान (Pakistan) में चल रहे आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान (Afghanistan) में भी आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दोनों आतंकी संगठनों के आतंकवादी बम विस्फोट और आत्मघाती हमलों के जरिए अफगानिस्तान में जारी शांति प्रक्रिया को भंग करना चाहते हैं. भारत ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अब स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया ही नहीं दुनिया में आतंकवाद फैला रहा है. बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा भारत में 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले और 2019 में पुलवामा हमले समेत कई बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दे चुके हैं. सुरक्षा परिषद (UNSC)को सौंपी गई आईएसआईएस, अल-कायदा और संबंधित व्यक्तियों व संस्थाओं से संबंधित विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के मुताबिक अफगान अधिकारियों ने बताया कि कई समूह अफगानिस्तान में सुरक्षा के सामने खतरा पैदा कर रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान के अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा खतरा पैदा कर रहे समूहों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, जैश और लश्कर शामिल हैं. अफगानिस्तान में 6500 पाकिस्तानी आतंकी मौजूद रिपोर्ट में कहा गया है कि लश्कर के 800 और जैश के 200 लड़ाके हैं, जो नंगरहार प्रांत के मोहमंद दर्रा, दुर बाबा और शेरजाद जिलों में तालिबान के साथ मौजूद हैं. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) भी मोहमंद दर्रा के सीमावर्ती क्षेत्र के पास लाल पुरा जिले में उपस्थिति बनाए रखता है. कुनार प्रांत में लश्कर के 220 और जैश के 30 आतंकी हैं, जो तालिबान के साथ मिलकर हमले करते हैं. यूएनएससी की निगरानी टीम ने कहा कि टीटीपी, जैश और लश्कर कुनार, नंगरहार और नूरिस्तान में मौजूद हैं. वहां वे अफगान तालिबान के नीचे काम करते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-कायदा के कई बड़े आतंकी भले ही मारे जा चुके हो, लेकिन वरिष्ठ नेतृत्व अभी भी अफगानिस्तान में ही मौजूद है. साथ ही भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा और विदेशी आतंकियों के समूहों ने तालिबान के साथ गठजोड़ कर लिया है. आतंकवाद का गढ़ है पाकिस्तान इस रिपोर्ट पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट भारत के इस दावे को पुख्ता करती है कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का गढ़ है. मंत्रालय ने कहा कि आतंकवादी और आतंकी संगठन पाकिस्तान में सुरक्षित ठिकानों का आनंद ले रहे हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'इससे भारत द्वारा लंबे समय से किये जा रहे दावे को बल मिलाता है कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का केन्द्र रहा है.' अनुराग ने कहा, 'वे इस क्षेत्र और दुनिया के विभिन्न भागों में हिंसा भड़काते और आतंकवाद फैलाते हैं. पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम लगाने के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स सहित अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने में विफल रहा है.'