पाक और चीन को UN ने लगाई फटकार, अल्पसंख्यकों संग भेदभाव पर सुनाई खरी-खोटी

un
पाक और चीन को UN ने लगाई फटकार, अल्पसंख्यकों संग भेदभाव पर सुनाई खरी-खोटी

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में धार्मिक स्वतंत्रता (religious freedom) को लेकर चल रही बहस में एक बार फिर पाकिस्तान (Pakistan) और चीन (China) को फटकार लगाई गई है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत सैम ब्राउनबैक ने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक भेदभावपूर्ण कानूनों और प्रथाओं से पीड़ित हैं। साथ ही चीन में धार्मिक स्वतंत्रता पर व्यापक और अनुचित प्रतिबंध बढ़ाए जा रहे हैं, इसे लेकर हम चितिंत हैं।

Un International Religious Freedom Us Ambassador Sam Brownback China Pakistan :

ब्रिटेन में संयुक्त राष्ट्र में धर्म या विश्वास की स्वतंत्रता पर प्रधानमंत्री के विशेष दूत लॉर्ड अहमन ने कहा, ‘ब्रिटेन ने दुनिया भर में धार्मिक समुदायों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए बात की है। चीन में रहने वाले उइगर से लेकर पाकिस्तान में रहने वाले ईसाई और अहमदियों तक जिसके बारे में हम अप्रत्यक्ष रूप से सुनते हैं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘ब्रिटेन ने दुनिया भर में धार्मिक समुदायों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए बात की है। जिसमें चीन में रहने वाले उइगर से लेकर पाकिस्तान में रहने वाले ईसाई और अहमदी तक शामिल हैं।’

चीन को सलाह देते हुए अमेरिकी राजदूत ने कहा कि हम चीनी सरकार से आग्रह करते हैं कि वह उस राष्ट्र में सभी लोगों के मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता का सम्मान करे। वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सी देशों से आग्रह किया कि वह यहूदी और मुस्लिम विरोधी भावना, ईसाइयों और अन्य धार्मिक समूहों के उत्पीड़न को बंद करें। उन्होंने कहा कि धार्मिक अल्पसंख्यक पीड़ितों को हमारे साथ की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें धर्म के नाम पर नफरत और घृणा फैलाने वाले लोगों को हमें खारिज कर देना चाहिए।

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में धार्मिक स्वतंत्रता (religious freedom) को लेकर चल रही बहस में एक बार फिर पाकिस्तान (Pakistan) और चीन (China) को फटकार लगाई गई है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत सैम ब्राउनबैक ने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यक भेदभावपूर्ण कानूनों और प्रथाओं से पीड़ित हैं। साथ ही चीन में धार्मिक स्वतंत्रता पर व्यापक और अनुचित प्रतिबंध बढ़ाए जा रहे हैं, इसे लेकर हम चितिंत हैं। ब्रिटेन में संयुक्त राष्ट्र में धर्म या विश्वास की स्वतंत्रता पर प्रधानमंत्री के विशेष दूत लॉर्ड अहमन ने कहा, 'ब्रिटेन ने दुनिया भर में धार्मिक समुदायों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए बात की है। चीन में रहने वाले उइगर से लेकर पाकिस्तान में रहने वाले ईसाई और अहमदियों तक जिसके बारे में हम अप्रत्यक्ष रूप से सुनते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'ब्रिटेन ने दुनिया भर में धार्मिक समुदायों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए बात की है। जिसमें चीन में रहने वाले उइगर से लेकर पाकिस्तान में रहने वाले ईसाई और अहमदी तक शामिल हैं।' चीन को सलाह देते हुए अमेरिकी राजदूत ने कहा कि हम चीनी सरकार से आग्रह करते हैं कि वह उस राष्ट्र में सभी लोगों के मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता का सम्मान करे। वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सी देशों से आग्रह किया कि वह यहूदी और मुस्लिम विरोधी भावना, ईसाइयों और अन्य धार्मिक समूहों के उत्पीड़न को बंद करें। उन्होंने कहा कि धार्मिक अल्पसंख्यक पीड़ितों को हमारे साथ की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें धर्म के नाम पर नफरत और घृणा फैलाने वाले लोगों को हमें खारिज कर देना चाहिए।