पाकिस्तान को झटका : संयुक्त राष्ट्र ने ठुकराई अपील, कहा-तीसरा पक्ष कश्मीर पर नहीं कर सकता हस्तक्षेप

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पाकिस्तान को झटका : संयुक्त राष्ट्र ने ठुकराई अपील, कहा-तीसरा पक्ष कश्मीर पर नहीं कर सकता हस्तक्षेप

नई दिल्ली। कश्मीर मामले पर पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कश्मीर में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस दौरान शिमला समझौते की भी याद ​दिलाई। जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान ने गुटेरेस से उचित भूमिका निभाने के लिए कहा था, जिसके बाद वहां से यह बयान आया था।

Un Rejects Pakistans Appeal :

गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महासचिव जम्मू कश्मीर में स्थिति पर गंभीरता से नजर रख रहे हैं और उन्होंने इस पर अधिकतम संयम बरतने की अपील की है। इस दौरान महासचिव ने भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर 1972 में हुए समझौते को भी याद किया, जिसे शिमला समझौते के नाम से जाना जाता है।

इस समझौते में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर की अंतिम स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुसार शांतिपूर्ण तरीकों से निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने शिमला समझौते को याद करते हुए कहा कि, कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है। इसमें तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है।

नई दिल्ली। कश्मीर मामले पर पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कश्मीर में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने इस दौरान शिमला समझौते की भी याद ​दिलाई। जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान ने गुटेरेस से उचित भूमिका निभाने के लिए कहा था, जिसके बाद वहां से यह बयान आया था। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महासचिव जम्मू कश्मीर में स्थिति पर गंभीरता से नजर रख रहे हैं और उन्होंने इस पर अधिकतम संयम बरतने की अपील की है। इस दौरान महासचिव ने भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर 1972 में हुए समझौते को भी याद किया, जिसे शिमला समझौते के नाम से जाना जाता है। इस समझौते में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर की अंतिम स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुसार शांतिपूर्ण तरीकों से निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने शिमला समझौते को याद करते हुए कहा कि, कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है। इसमें तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है।