हिमा दास ने 400 मीटर दौड़ में रचा इतिहास, गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी

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हिमा दास ने 400 मीटर दौड़ में रचा इतिहास, गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी

नई दिल्ली। असम की 18 वर्षीय एथलीट हिमा दास का नाम गूगल में सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है। वो इसलिए क्योंकि चंद घंटों पहले ही उन्होंने फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में इतिहास रच दिया है। हिमा दास ने गुरुवार को फिनलैंड के टेम्पेरे में जारी आईएएफ वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप की महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण जीत कर इतिहास रचा है।

18 साल की हिमा दास की टाइमिंग 51.46 सेकेंड्स रही जहां उन्हें पहला पायदान मिला। मिकलोस ने 52 .07 सेकेंड के साथ सिल्‍वर मेडल हासिल किया जबकि अमेरिका की टेलर मेनसन ने 52 .28 सेकेंड के साथ ब्रॉन्‍ज मेडल जीता।

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असम की हिमा दास ने दौड़ के बाद कहा, ‘विश्व जूनियर चैंपियनशिप में गोल्‍ड जीतकर मैं काफी खुश हूं। मैं स्वदेश में सभी भारतीयों को धन्यवाद देना चाहती हूं और उन्हें भी जो यहां मेरी हौसला अफजाई कर रहे थे। ’

हिमा दास के अगर कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रदर्शन की बात करें उनका टाइमिंग 51.32 सेकेंड रहा था जहां उन्हें छठवे प्रदर्शन से संतुष्ट होना पड़ा था। इसके बाद गुवाहाटी में हाल में राष्ट्रीय अंतर राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने 51 .13 सेकेंड के साथ अपने इस रिकॉर्ड में सुधार किया।

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हिमा के अलावा जूनियर विश्व चैंपियनशिप में सीमा पूनिया ने 2002 में डिस्कस थ्रो में कांस्य और नवदीप कौर ढिल्लन ने 2014 में डिस्कस थ्रो में ही कांस्य जीता था।

नई दिल्ली। असम की 18 वर्षीय एथलीट हिमा दास का नाम गूगल में सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है। वो इसलिए क्योंकि चंद घंटों पहले ही उन्होंने फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में इतिहास रच दिया है। हिमा दास ने गुरुवार को फिनलैंड के टेम्पेरे में जारी आईएएफ वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप की महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण जीत कर इतिहास रचा है। 18 साल की हिमा दास की टाइमिंग 51.46 सेकेंड्स रही जहां उन्हें पहला पायदान मिला। मिकलोस ने…
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