केन्द्रीय मंत्री के पीओके पर बयान के बाद बोले सेना प्रमुख, सेना हमेशा तैयार

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केन्द्रीय मंत्री पीओके पर बयान के बाद बोले सेना प्रमुख, सेना हमेशा तैयार

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के उस बयान जिसमें उन्होने कहा था कि अब मोदी सरकार का अगला एजेंडा है पीओके को भारत में मिलाना। इस बयान पर सेना प्रमुख ने कहा है कि भारतीय सेना हमेशा तैयार है।

Union Minister Said After The Statement On Pok Army Chief Army Always Ready :

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि इस तरह मामलों में सरकार कदम उठाती है। भारत सरकार के आदेश पर संस्थाएं काम करती हैं। उन्होंने कहा कि सेना इसके लिए हमेशा तैयार है। बता दें कि जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा था कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिनों की सबसे बड़ी उपलब्धि में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करना शामिल है और ‘हमारा अगला एजेंडा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाना है’।

जितेंद्र सिंह ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुद्दे पर कहा था कि यह केवल मेरी या मेरी पार्टी की प्रतिबद्धता नहीं है बल्कि यह 1994 में पी वी नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा सर्वसम्मति से पारित संकल्प है। यह एक स्वीकार्य रुख है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के बाद अब सरकार ने अपनी नीति बदल ली और पाकिस्तान को बैकफुट पर डालने के लिए पीओके के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के उस बयान जिसमें उन्होने कहा था कि अब मोदी सरकार का अगला एजेंडा है पीओके को भारत में मिलाना। इस बयान पर सेना प्रमुख ने कहा है कि भारतीय सेना हमेशा तैयार है। सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि इस तरह मामलों में सरकार कदम उठाती है। भारत सरकार के आदेश पर संस्थाएं काम करती हैं। उन्होंने कहा कि सेना इसके लिए हमेशा तैयार है। बता दें कि जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा था कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिनों की सबसे बड़ी उपलब्धि में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करना शामिल है और 'हमारा अगला एजेंडा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाना है'। जितेंद्र सिंह ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के मुद्दे पर कहा था कि यह केवल मेरी या मेरी पार्टी की प्रतिबद्धता नहीं है बल्कि यह 1994 में पी वी नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा सर्वसम्मति से पारित संकल्प है। यह एक स्वीकार्य रुख है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के बाद अब सरकार ने अपनी नीति बदल ली और पाकिस्तान को बैकफुट पर डालने के लिए पीओके के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।