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गुरुवार रात अंतरिक्ष में घटित होने जा रही हैं अनोखी घटनाएं, दिखेगा खूबसूरत नजारा

अंतरिक्ष (Space) में गुरुवार रात 9 सितंबर को ऐसी अनोखी घटनाएं घटित होने जा रही हैं, जिनका संयोग सैकड़ों वर्षों में भी नहीं बन पाता है। इस रात में खतरनाक श्रेणी का एक बहुत विशाल एस्टेरॉइड (Giant Asteroid) पृथ्वी की कक्षा (Earth Orbit)  में चांद (Moon)से भी कम दूरी पर आ धमकेगा।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। अंतरिक्ष (Space) में गुरुवार रात 9 सितंबर को ऐसी अनोखी घटनाएं घटित होने जा रही हैं, जिनका संयोग सैकड़ों वर्षों में भी नहीं बन पाता है। इस रात में खतरनाक श्रेणी का एक बहुत विशाल एस्टेरॉइड (Giant Asteroid) पृथ्वी की कक्षा (Earth Orbit)  में चांद (Moon)से भी कम दूरी पर आ धमकेगा।

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सितंबर में आम प्रचलन से हटकर अपने चरम पर उल्कापात होगा। नव अर्द्धचंद्र (Crescent Moon) के सबसे ज्यादा पास पहुंचकर शुक्र ग्रह अपनी सर्वाधिक चमक भी बिखेरेगा। इन तीनों घटनाओं का एक साथ घटित होना आज की रात को दुर्लभ ही नहीं बल्कि दुर्लभतम बना देगा। ऐसी अनोखी रात फिर न जाने कब आए?

बता दें कि एस्टेरोइड यदा कदा पृथ्वी के निकट आते रहते हैं, लेकिन ये निकटता भी आमतौर पर पृथ्वी और चांद के बीच की दूरी से दस गुनी तक या इससे ज्यादा ही होती है। कभी सुना है कि कोई एस्टेरोइड चंद्रमा जितनी दूरी तक भी आया हो? लेकिन आज की रात 2010 आरजे 53 नाम का कुतुबमीनार से दस गुना बड़ा 774 मीटर आकार का बहुत विशाल क्षुद्रग्रह 68400 किमी प्रति घंटे की विलक्षण गति से सफर करता हुआ पृथ्वी से मात्र 3 लाख 66 हजार किमी की दूरी पर अर्थात 3 लाख 84 हजार किमी दूर स्थित चंद्रमा से भी कम दूरी तक पृथ्वी के निकट आ जाएगा।

जहां खगोलीय दूरियां (Astronomical Distances) चंद्र इकाई, सौर इकाई या प्रकाश वर्ष (light year) जैसी बहुत बड़ी इकाइयों में मापी जाती हैं। वहां यह दूरी इतनी कम है कि एक तरह से यह एस्टेरोइड धरती को बस चूम कर निकल जाएगा। इसकी बेहद तेज गति, विशाल आकार और पृथ्वी से अत्यधिक निकटता के चलते अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (American Space Agency Nasa) ने इसे खतरनाक की श्रेणी में रखा है।

इस वर्ष परसीड उल्कापात हो रहा

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सितंबर के महीने में आमतौर पर उल्कापात (Meteor Shower) नहीं होता, लेकिन इस वर्ष इन दिनों परसीड उल्कापात हो रहा है, जो कि परसियस तारा समूह की दिशा से आता है। गुरुवार की रात यह अपने चरम पर पहुंचकर बहुत ही आकर्षक नजारे प्रस्तुत करेगा क्योंकि सोमवार को अमावस्या के बाद इस रात चंद्रमा की रोशनी बहुत कम होगी।

9 सितंबर को ही चंद्रमा और शुक्र कोणीय रूप से सर्वाधिक नजदीक होंगे। शुक्र के क्रेसेंट मून (नव अर्द्धचंद्र)  के बेहद  निकट आ जाने से जहां बहुत खूबसूरत नजारा दिखेगा। वहीं शुक्र ग्रह इस रात सर्वाधिक चमकीला भी नजर आएगा क्योंकि जहां पूर्ण चंद्र शुक्र ग्रह से 1500 गुना ज्यादा चमकीला होता है वहीं इस रात चांद शुक्र से केवल दस गुना चमकीला होगा और और शुक्र ग्रह खुलकर अपनी चमक बिखेरेगा।

आर्य भट्ट शोध एवं प्रेक्षण विज्ञान संस्थान (एरीज)  Arya Bhatt Institute of Research and Observational Sciences (ARIES) के वैज्ञानिक डॉ. शशि भूषण पांडे ने बताया कि इस रात वैसे शुक्र ग्रह चांद के मुकाबले पृथ्वी से 400 गुना ज्यादा दूरी पर होगा, लेकिन कोणीय रूप से चांद के बहुत निकट आ जाएगा।

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