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उन्नाव रेप केस: विधायक कुलदीप सेंगर पर आज दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट सुनायेगी फैसला

Unnao Rape Case Delhis Tis Hazari Court Will Pronounce Verdict On Mla Kuldeep Sengar

लखनऊ। उन्नाव रेप केस के मामले में आरोपित भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर आज दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट फैसला सुनायेगी। यह फैसला आज दोपहर तीन बजे के लगभग सुनाया जायेगा। बताया जा रहा है कि फैसलो को पहले ही सुरक्षित कर लिया गया था और फैसला सुनाने के लिए आज की तारीख दी गयी थी। आपको बता दें कि कुलदीप सिंह सेंगर उन्नाव से 4 बार विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में उनकी पत्नी संगीता सिह उन्नाव की जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।

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कुलदीप सिंह सेंगर पर पीड़िता को अगवा कर रेप करने का यह मामला साल 2017 का है। पीड़िता उस समय नाबालिग थी। उस वक्त विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनकी सहयोगी शशि सिंह पर आरोप लगा था कि शशि पीड़िता को बहला फुसलाकर सेंगर के पास लेकर गई थीं और सेंगर ने उसके साथ जबरन रेप किया था। सेंगर 2017 में भाजपा के टिकट पर बांगरमऊ से विधायक चुने गये थे। मामले ने तूल पकड़ा तो विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। इसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार कर लिया गया और कुछ दिनो बाद भाजपा से निष्कासित भी कर दिया गया।

रेप केस के साथ साथ कुलदीप​ सिंह सेगर पर पीड़िता के पिता की हत्या का, पीड़िता के अपहरण का भी मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं आपको बता दें कि बीते 28 जुलाई को रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में कार व ट्रक की टक्कर में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी। पीड़िता और कार चला रहे उनके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में पीड़ित परिवार ने कुलदीप सेंगर पर एक्सीडेंट करवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद पूरे प्रदेश मे प्रदर्शन होने लगे तो पुलिस ने गुरूबख्शगंज थाने में कुलदीप व उनके सहयोगियों के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया यही नही मामले की जांच भी सीबीआई को सौंप दी गयी।

मामला दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में चल रहा था, केस की सुनवाई खत्म होने के बाद जिला जज धर्मेश शर्मा ने कहा था कि 10 दिसंबर को फैसला सुरक्षित कर लिया था और वह 16 दिसंबर को अपना फैसला सुनाएंगे। आपको बता दें कि सु्प्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस केस को लखनऊ से दिल्ली ट्रांसफर किया गया था। ट्रांसफर होने के बाद 5 अगस्त से रोजाना इस मामले की सुनवाई हो रही थी। पीड़ित परिवार भी दिल्ली में ही रह रहा है। दिल्ली महिला आयोग उनकी मदद कर रहा है।

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