उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता एम्‍स से मिली छुट्टी, अदालत ने दिल्‍ली में ही ठहरने के दिए निर्देश

kuldeep
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता एम्‍स से मिली छुट्टी, अदालत ने दिल्‍ली में ही ठहरने के दिए निर्देश

नई दिल्ली। उन्नाव रेप पीड़‍िता (Unnao Rape Survivor) को दिल्ली (Delhi) के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) से छुट्टी दे दी गई है। हालांकि अदालत ने युवती की सुरक्षा को देखते हुए उसे दिल्‍ली में ही ठहरने के निर्देश जारी किए हैं। उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता 28 जुलाई रायबरेली जाते वक्त सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। दुर्घटना के समय गाड़ी में पीड़िता के साथ उनका वकील और दो परिवार के लोग भी मौजूद थे।

Unnao Rape Victim Aiims Discharged Court Directs To Stay In Delhi :

28 जुलाई को हुए इस हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की घटनास्‍थल पर ही मौत हो गई थी, वहीं पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इन्‍हें इलाज के लिए पहले लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हस्‍तक्षेप के बाद दोनों को दिल्‍ली के एम्‍स में भर्ती कराया गया था। युवती के रेप और उसकी रहस्‍यमय सड़क दुर्घटना दोनों ही मामले में इस समय सीबीआई जांच कर रही है। इस मामले में मुख्‍य आरोपी उन्‍नाव का पूर्व एमएलए कुलदीप सिंह सैंगर इस समय जेल में बंद है।  

आरोपी विधायक और अन्य के खिलाफ हो चुका है आरोप तय

उन्नाव रेप केस मामले में पीड़िता के पिता को झूठे आर्म्स केस में फंसाने और पुलिस हिरासत में उनकी मौत के मामले में बाहुबली विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्य के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने हाल ही में सुनवाई करते हुए प्रथमदृष्टया पाया कि मामले में बड़ी साजिश रची गई है। कोर्ट के मुताबिक, पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन उसने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। साथ ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के पिता के शरीर पर 14 गंभीर चोट के निशान पाए गए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी 5 केस दिल्ली किए ट्रांसफर

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट पिछले दिनों इस मामले से जुड़े सभी पांचों केस उत्तर प्रदेश से बाहर दिल्ली ट्रांसफर कर दिए थे। शीर्ष अदालत ने इस मामले की रोजाना सुनवाई के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की ओर से अपॉइंट जज इन सभी पांच केसों की सुनवाई करेंगे। ट्रायल 45 दिन के अंदर पूरा करना होगा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा कि हम पीड़िता के लिए अंतरिम मदद की अपील भी स्वीकार करते हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को ये आदेश दिया जाता है कि वो पीड़िता के परिवार को अंतरिम मदद के तौर पर 25 लाख रुपए की सहायता राशि दे। बाद में जरूरत के हिसाब से आर्थिक मदद की राशि बुलाई जा सकती है।

नई दिल्ली। उन्नाव रेप पीड़‍िता (Unnao Rape Survivor) को दिल्ली (Delhi) के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) से छुट्टी दे दी गई है। हालांकि अदालत ने युवती की सुरक्षा को देखते हुए उसे दिल्‍ली में ही ठहरने के निर्देश जारी किए हैं। उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता 28 जुलाई रायबरेली जाते वक्त सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी हो गई थी। दुर्घटना के समय गाड़ी में पीड़िता के साथ उनका वकील और दो परिवार के लोग भी मौजूद थे। 28 जुलाई को हुए इस हादसे में पीड़िता की चाची और मौसी की घटनास्‍थल पर ही मौत हो गई थी, वहीं पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इन्‍हें इलाज के लिए पहले लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हस्‍तक्षेप के बाद दोनों को दिल्‍ली के एम्‍स में भर्ती कराया गया था। युवती के रेप और उसकी रहस्‍यमय सड़क दुर्घटना दोनों ही मामले में इस समय सीबीआई जांच कर रही है। इस मामले में मुख्‍य आरोपी उन्‍नाव का पूर्व एमएलए कुलदीप सिंह सैंगर इस समय जेल में बंद है।   आरोपी विधायक और अन्य के खिलाफ हो चुका है आरोप तय उन्नाव रेप केस मामले में पीड़िता के पिता को झूठे आर्म्स केस में फंसाने और पुलिस हिरासत में उनकी मौत के मामले में बाहुबली विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्य के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। कोर्ट ने हाल ही में सुनवाई करते हुए प्रथमदृष्टया पाया कि मामले में बड़ी साजिश रची गई है। कोर्ट के मुताबिक, पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन उसने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। साथ ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के पिता के शरीर पर 14 गंभीर चोट के निशान पाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने सभी 5 केस दिल्ली किए ट्रांसफर बता दें कि सुप्रीम कोर्ट पिछले दिनों इस मामले से जुड़े सभी पांचों केस उत्तर प्रदेश से बाहर दिल्ली ट्रांसफर कर दिए थे। शीर्ष अदालत ने इस मामले की रोजाना सुनवाई के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की ओर से अपॉइंट जज इन सभी पांच केसों की सुनवाई करेंगे। ट्रायल 45 दिन के अंदर पूरा करना होगा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा कि हम पीड़िता के लिए अंतरिम मदद की अपील भी स्वीकार करते हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को ये आदेश दिया जाता है कि वो पीड़िता के परिवार को अंतरिम मदद के तौर पर 25 लाख रुपए की सहायता राशि दे। बाद में जरूरत के हिसाब से आर्थिक मदद की राशि बुलाई जा सकती है।