यूपी: कोरोना वायरस के चलते प्रदेश में 22 मार्च तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद

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लखनऊ। हरियाणा और दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए इसे महामारी घोषित कर दिया है। कोरोना के मद्देनजर बेसिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के सभी शिक्षण संस्थान आगामी 22 मार्च तक बंद रहेंगे। प्रदेश सरकार ने ये आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण के लिए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग समेत कई अन्य विभागों की बैठक बुलाई थी जिसके बाद ये फैसला लिया गया।

Up All Schools And Colleges Closed Till March 22 Due To Corona Virus :

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में सभी स्कूलों और कॉलेजों को 22 मार्च तक बंद करने का ऐलान किया गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में कोरोना वायरस के मसले पर बैठक हुई, इसमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वायरस को महामारी घोषित नहीं किया है, लेकिन उसके कुछ एक्ट को इस दौरान लागू किया जाएगा।

सरकार ने फैसला लिया है कि बेसिक-माध्यमिक-उच्च और तकनीकी शिक्षा के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखा जाएगा। उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में क्लास बंद की गई हैं। हालांकि, अगर किसी स्कूल या कॉलेज में परीक्षाएं चल रही हैं तो उन्हें रद्द नहीं किया जाएगा। लेकिन अगर किसी स्कूल-कॉलेज में परीक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं तो उन्हें आगे के लिए टाल दिया जाएगा।

बता दें कि राज्य सरकार के ऐलान से पहले ही लखनऊ में कई पब्लिक स्कूल बंद किए गए हैं। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए लखनऊ का जीडी गोयनका स्कूल 31 मार्च तक बंद रहेगा, साथ ही सभी परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं। उत्तर प्रदेश में अभी तक कोरोना वायरस के कुल 11 केस सामने आए हैं। साथ नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में कर्मचारी पॉजिटिव पाया गया है, जिसके बाद कंपनी के 707 कर्मचारियों को निगरानी में रखा गया है।

बैठक के बाद जानकारी देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य के 75 जिले में आइसोलेशन वार्ड बनाया है, जिनमें जनपद स्तर पर 800 बेड रिजर्व हैं। 24 मेडिकल कॉलेज में भी 448 बेड आरक्षित रखे गए हैं। कई डॉक्टरों को इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ में दो, अलीगढ़ में एक, गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज, बीएचयू में कोरोना वायरस की जांच की जा सकेगी। इसके अलावा अन्य मेडिकल कॉलेज में इस तरह की तैयारियां की जा रही हैं।

लखनऊ। हरियाणा और दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए इसे महामारी घोषित कर दिया है। कोरोना के मद्देनजर बेसिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के सभी शिक्षण संस्थान आगामी 22 मार्च तक बंद रहेंगे। प्रदेश सरकार ने ये आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस के संक्रमण पर नियंत्रण के लिए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग समेत कई अन्य विभागों की बैठक बुलाई थी जिसके बाद ये फैसला लिया गया। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में सभी स्कूलों और कॉलेजों को 22 मार्च तक बंद करने का ऐलान किया गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में कोरोना वायरस के मसले पर बैठक हुई, इसमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वायरस को महामारी घोषित नहीं किया है, लेकिन उसके कुछ एक्ट को इस दौरान लागू किया जाएगा। सरकार ने फैसला लिया है कि बेसिक-माध्यमिक-उच्च और तकनीकी शिक्षा के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखा जाएगा। उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में क्लास बंद की गई हैं। हालांकि, अगर किसी स्कूल या कॉलेज में परीक्षाएं चल रही हैं तो उन्हें रद्द नहीं किया जाएगा। लेकिन अगर किसी स्कूल-कॉलेज में परीक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं तो उन्हें आगे के लिए टाल दिया जाएगा। बता दें कि राज्य सरकार के ऐलान से पहले ही लखनऊ में कई पब्लिक स्कूल बंद किए गए हैं। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए लखनऊ का जीडी गोयनका स्कूल 31 मार्च तक बंद रहेगा, साथ ही सभी परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं। उत्तर प्रदेश में अभी तक कोरोना वायरस के कुल 11 केस सामने आए हैं। साथ नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में कर्मचारी पॉजिटिव पाया गया है, जिसके बाद कंपनी के 707 कर्मचारियों को निगरानी में रखा गया है। बैठक के बाद जानकारी देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य के 75 जिले में आइसोलेशन वार्ड बनाया है, जिनमें जनपद स्तर पर 800 बेड रिजर्व हैं। 24 मेडिकल कॉलेज में भी 448 बेड आरक्षित रखे गए हैं। कई डॉक्टरों को इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ में दो, अलीगढ़ में एक, गोरखपुर के बीआरडी कॉलेज, बीएचयू में कोरोना वायरस की जांच की जा सकेगी। इसके अलावा अन्य मेडिकल कॉलेज में इस तरह की तैयारियां की जा रही हैं।